अंबाला रिंग रोड विवाद सुलझा: NHAI और किसानों के बीच बनी सहमति, 2 महीने बाद फिर शुरू हुआ काम
अंबाला रिंग रोड और शामली नेशनल हाईवे परियोजना पर किसानों का धरना समाप्त। SDM और NHAI अधिकारियों के आश्वासन के बाद खेतों के रास्ते और जलभराव की समस्या पर बनी सहमति। 2 महीने बाद काम दोबारा शुरू।
अंबाला: अंबाला रिंग रोड और अंबाला शामली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर किसानों और एनएचएआई का टकराव शुक्रवार को सुलझ गया। एसडीएम कैंट और एनएचएआई के अधिकारियों ने किसानों के साथ दो घंटे तक मौके का मुआयना किया। इस दौरान किसानों ने जलभराव, खेतों को रास्ता न देने जैसे स्थानों पर अधिकारियों को हालात दिखाए। इसके बाद अधिकारियों ने मंथन कर किसानों को एक खेत से दूसरे खेत में जाने के लिए रास्ता देने पर सहमति जताई। साथ ही जलभराव के उपाय भी करने का आश्वासन दिया है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद एनएचएआई ने दो महीने बाद काम दोबारा से शुरू कर दिया है। किसानों ने दिखाया कि रिंग रोड में उन्होंने जमीन सरकार को दी है। रिंग रोड के दोनों तरफ उनके खेत हैं और इसे पार करने का कोई रास्ता नहीं है। अधिकारियों ने रास्ता देने का आश्वासन दिया है।
अंबाला रिंग रोड परियोजना और अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में मिल रहे हैं। शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे एसडीएम विनेश कुमार एनएचएआई के अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां से भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिला प्रधान मलकीत सिंह के साथ अधिकारी सपेहड़ा में विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। मलकीत सिंह ने दिखाया कि पिछले दिनों आई बारिश से किसानों की फसल जलमग्न होकर खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सपेहड़ा से लेकर सद्दोपुर तक ऐसा ही फसलों को नुकसान हुआ है। एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि इन स्थानों पर वह लाइन डालने का काम करेंगे, भविष्य में यह दिक्कत नहीं आएगी।