अजमेर में लिव-इन रिलेशनशिप पर बवाल: माता-पिता ने की आत्मदाह की कोशिश, इलाके में भारी तनाव और तोड़फोड़

राजस्थान के अजमेर के गंज थाना क्षेत्र में एक युवती के मुस्लिम युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने के फैसले पर परिजनों ने थाने के बाहर विरोध किया और आत्मदाह की धमकी दी.

राजस्थान के अजमेर शहर के गंज थाना क्षेत्र में एक युवती के अपने मुस्लिम युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने को लेकर जमकर विवाद हुआ. करीब 15 दिन पहले घर से लापता हुई युवती को पुलिस थाने लाई, जहां उसने माता-पिता के साथ जाने से इनकार करते हुए अपने पार्टनर के साथ ही रहने की इच्छा जताई. युवती के इस निर्णय से गुस्साए घरवालों ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आत्मदाह की धमकी देते हुए अपने ऊपर केरोसीन तक छिड़क लिया.

पुलिस के अनुसार, युवती के परिजनों ने 3 फरवरी को गंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी. सोमवार को युवती अपने लिव-इन पार्टनर के साथ चूरू के एसपी कार्यालय में पेश हुई थी. इसकी सूचना मिलने पर अजमेर पुलिस दोनों को मंगलवार दोपहर गंज थाने लेकर आई, जहां पहले से मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई.

 

माता-पिता ने आत्मदाह करने की कोशिश

थाने के बाहर युवती ने स्पष्ट कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से युवक के साथ रहना चाहती है. यह सुनकर उसके माता-पिता ने जोरदार विरोध किया और बेटी को वापस घर ले जाने की मांग पर अड़ गए. उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को वापस नहीं किया जा रहा. इसी दौरान युवती के माता-पिता ने अपने ऊपर केरोसीन डालकर आत्महत्या की धमकी दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.

घटना की जानकारी मिलते ही कुछ हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और समर्थक भी गंज थाने पहुंच गए और युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया. बढ़ते तनाव के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने थाने के सामने स्थित एक नाश्ते की दुकान में तोड़फोड़ कर दी. इसके बाद पास के शराब ठेके पर भी हमला कर बोतलें उठाकर ले जाने की घटना सामने आई. आसपास की अन्य दुकानों में भी तोड़फोड़ और सामान फेंके जाने से व्यापारियों को नुकसान हुआ.

 

पुलिस ने भीड़ हटाकर माहौल शांत कराया

स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी महावीर सिंह अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को हटाकर माहौल शांत कराया. परिजनों और संगठनों के प्रतिनिधियों को समझाया गया कि युवती बालिग है और कानून के अनुसार वह अपनी इच्छा से किसी के साथ भी रह सकती है. इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ छंटी और परिजन भी लौट गए, हालांकि वे बेटी को साथ ले जाने की मांग पर अड़े रहे.

 

थाना प्रभारी ने बताया कि थाने के बाहर दुकानों में हुई तोड़फोड़ की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मोनिका डीड़वानिया ने दावा किया कि युवती को मुस्लिम युवक बहला-फुसलाकर ले गया था और मामले में लव जिहाद जैसी आशंका जताई. पुलिस ने हालांकि स्पष्ट किया कि दोनों बालिग हैं और युवती स्वयं युवक के साथ रहना चाहती है, इसलिए कानूनन उन्हें अलग करने का कोई आधार नहीं है. फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है.

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