ईरान जंग: सऊदी अरब ने बदला पासा, ट्रंप के ‘चापलूसी’ वाले बयान पर भड़के MBS

ईरान-अमेरिका युद्ध पर सऊदी अरब का यू-टर्न। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप के सामने जताई नाराजगी। जानें क्यों सऊदी को सता रहा है अपनी तेल संपदा का डर।

ईरान जंग में पहली बार सऊदी अरब ने अचानक से अपना रूख बदल लिया है. दरअसल, अब तक सऊदी की कोशिश ईरान को नेस्तनाबूद करने की रही है. इसको लेकर सऊदी ने कई बार अमेरिका से सिफारिश भी की है. सऊदी को ईरान का कट्टर दुश्मन भी माना जाता है, लेकिन अब सऊदी ने ईरान जंग को लेकर अमेरिका से नाराजगी जाहिर की है. शीर्ष स्तर पर यह नाराजगी जाहिर की गई है. बुधवार (1 अप्रैल) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की थी.

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक सऊदी ने जंग के तौर-तरीके पर सवाल उठाया है. सऊदी का कहना है कि जिस तरीके से जंग को लंबा खिंचा जा रहा है, उससे खाड़ी देशों के भविष्य खतरे में पड़ जाएंगे. सऊदी इसलिए भी परेशान है कि उसके पास मजबूत डिफेंस सिस्टम नहीं है.

युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप कन्फ्यूज

ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप कन्फ्यूज हैं. ट्रंप पिछले एक महीने में कम से कम 12 बार जंग को तुरंत रोकने की बात कह चुके हैं. इसके बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच जंग जारी है. डेमोक्रेट्स नेता और कैलिफॉर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम (Gavin Newsom) के मुताबिक ट्रंप के पास युद्ध से बाहर निकलने का कोई एग्जिट प्लान नहीं है.

ईरान जंग को लेकर अमेरिका का मकसद भी बदल चुका है. अब अमेरिका की कोशिश जंग रोककर किसी तरह से होर्मुज खुलवाने की है.

सवाल- सऊदी ने क्यों बदला रूख?

1. जंग अगर लंबा खिंचता है तो इसका नुकसान सऊदी को होगा. सऊदी को अपने तेल और ऊर्जा ठिकानों की चिंता सता रही है. हाल ही में ईरान ने सऊदी के तेल ठिकानों को हिटलिस्ट में शामिल किया था. जंग बढ़ने पर सऊदी के ऊपर ही हमला किया जाएगा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने एक बयान में कहा था कि जब तक सऊदी में अमेरिकी बेस रहेंगे, तब तक उस पर हमला किया जाएगा.

2. सऊदी को अब तक लग रहा था कि ईरान में तख्तापलट अगर ना भी हो, तो कम से कम उसके शासन को कमजोर किया जा सकता है, लेकिन होर्मजु पर जिस तरीके से ट्रंप पलट गए हैं, उससे सऊदी की टेंशन बढ़ा दी है. सऊदी जानता है कि अगर ईरान कमजोर नहीं हुआ तो उससे दुश्मनी भारी पड़ सकती है.

3. ईरान ने जंग में हूती विद्रोहियों को भी एक्टिव कर दिया है. हूती विद्रोहियों को सऊदी का कट्टर विरोधी माना जाता है. सऊदी को यह भी डर है कि अगर हूती ने उसपर अटैक करना शुरू किया, तो उसकी मुसीबत और ज्यादा बढ़ सकती है.

4. रुख बदलने की एक वजह एमबीएस को लेकर ट्रंप की हालिया टिप्पणी है. ट्रंप ने एक बयान में कहा कि सऊदी के क्राउन प्रिंस को अब मेरी चापलूसी करनी पड़ेगी. पहले वे ऐसा नहीं करना चाहते थे.

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