काशी विश्वनाथ मंदिर में बदलेगा यूपी पुलिस का अंदाज, अब गेट पर हाथ जोड़कर करेंगे स्वागत

महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर 'सर/मैडम' कहकर स्वागत करेंगे. इसके लिए उन्हें सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी गई है.

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर पुलिस एक अलग अंदाज में नजर आएगी. महाशिवरात्रि पर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर करेंगे. मंदिर के एंट्री पॉइंट पर पहुंचे ही वहां मौजूद पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं का वेलकम हाथ जोड़कर करेंगे. इसके लिए पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं से व्यवहार की सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी गई है.

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि वर्दी सेवा, सहयोग एवं विश्वास का प्रतीक है और प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आत्मीय अनुभव प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. महाशिवरात्रि पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से सुरक्षा कर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी गई है.

मंदिर में ऐसे प्रवेश कराएंगे पुलिसकर्मी

घंटों लाइन में लग कर जब श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे तो सुरक्षा कर्मी उनको प्रणाम की मुद्रा में अंदर प्रवेश कराएंगे और उनको सर /मैडम कह कर संबोधित करेंगे. कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया है कि ‘देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु लंबी यात्रा एवं प्रतीक्षा के कारण धैर्य खो सकते हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों को प्रत्येक परिस्थिति में संयमित, विनम्र एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए धैर्यपूर्वक उनकी काउंसलिंग करनी होगी.

सीसीटीवी कैमरे से होगी पुलिसकर्मियों की निगरानी

पुलिस कमिश्ननर निर्देश दिया गया है कि श्रद्धालुओं द्वारा पूछे जाने पर वाराणसी की प्रमुख व्यवस्थाओं, मार्गदर्शन, सुरक्षा प्रबंधों एवं महत्वपूर्ण स्थलों के संबंध में शालीनता एवं स्पष्टता के साथ आवश्यक जानकारी प्रदान करें. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मंदिर परिसर में तैनात पुलिस कर्मियों के व्यवहार की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी.

अनुचित आचरण पर पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

किसी भी प्रकार की अभद्रता और अनुचित आचरण पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी. वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजन एवं दूरदराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और प्राथमिकता के आधार पर मार्गदर्शन देने के निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए हैं.

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