“कौन सी जाति की हो, तेरी तो मैं…” कानपुर की आस्था सिंह ने बताई उस खौफनाक दिन की पूरी सच्चाई, Video पर तोड़ी चुप्पी।

कानपुर HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए इसे अधूरा सच बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कर्मचारी के पति ने पहले उनकी जाति पूछी और धमकी दी थी.

सिर्फ 45 सेकंड की क्लिप काटकर वीडियो वायरल कर दिया ताकि मेरी छवि खराब की जा सके… ये कहना है कानपुर के पनकी सेक्टर-2 स्थित HDFC बैंक की महिला कर्मचारी आस्था सिंह का. दरअसल, सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो खूब वायरल हुआ था. इसमें वो किसी महिला से बदसलूकी करती दिखी थीं. मगर अब उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने उस रोज की पूरी कहानी विस्तार से सुनाई है. बताया कि कैसे उनके वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया गया है.

एक न्यूज चैनल से बातचीत में पिनकी HDFC बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने कहा- क्या ठाकुर होना अपराध है? अगर मैं किसी और जाति की होती और उस व्यक्ति को जवाब देती, तो लोग मुझे ‘बहादुर’ कहते. लेकिन आज मुझे और मेरे परिवार को सोशल मीडिया पर सूली पर चढ़ाया जा रहा है.

आस्था सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जिस व्यक्ति से उनकी बहस हो रही थी, वह कोई मासूम ग्राहक नहीं था. वो बैंक की ही एक पूर्व कर्मचारी रितु त्रिपाठी का पति ऋषि त्रिपाठी था. आस्था के मुताबिक, यह घटना 6 जनवरी की है. रितु ने इस्तीफा दे दिया था और वह रिलीविंग की औपचारिकताएं पूरी करने आई थीं. इसी दौरान उसका पति वहां पहुंचा और काम में देरी का बहाना बनाकर बैंक स्टाफ के साथ अभद्रता करने लगा.

‘बाथरूम में रितु की ननद से बहस’

आस्था की मानें तो यह पूरी लड़ाई बैंक के काम को लेकर नहीं, बल्कि एक निजी खुन्नस थी. सुबह रितु त्रिपाठी की ननद के साथ बाथरूम के गेट को लेकर आस्था की मामूली कहासुनी हुई थी. इसी का बदला लेने के लिए ऋषि त्रिपाठी शाम को बैंक पहुंचा. आस्था का आरोप है कि ऋषि ने खुद को मीडिया कर्मचारी बताकर धमकियां दीं और महिला कर्मचारियों पर रौब झाड़ने की कोशिश की.

 

‘मैं ठाकुर हूं’ क्यों कहना पड़ा?

सबसे ज्यादा चर्चा आस्था के जाति वाले बयान की हो रही है. इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा- ऋषि ने सीधे मेरी डेस्क पर आकर मेरी जाति पूछी और कहा- तुम कौन सी जात की हो जो इतनी अकड़ दिखा रही हो? मैं तुम्हारी सारी गर्मी निकाल दूंगा. आस्था का कहना है कि जब एक महिला को उसके कार्यस्थल पर इस तरह धमकाया जाए, तो आत्मसम्मान में पहचान बताना गलत नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि वीडियो को काट-छांट कर केवल उनका जवाब ही क्यों वायरल किया गया, ऋषि की गालियां और धमकियां क्यों छिपाई गईं?

 

‘पैसा मिला तो वीडियो वायरल किया’

आस्था ने वीडियो के वायरल होने के समय पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. घटना 6 जनवरी की थी, लेकिन वीडियो फरवरी में रिलीज किया गया. आस्था का दावा है कि पूर्व कर्मचारी रितु त्रिपाठी का जब बैंक से सारा बकाया पैसा मिल गया, उसके बाद एक सोची-समझी रणनीति के तहत उनकी छवि खराब करने के लिए इसे अब वायरल किया गया.

 

‘अब कानून लड़ेगा मेरी लड़ाई’

सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाओं ने आस्था को तोड़कर रख दिया है. उन्होंने बताया कि उन्हें रेप की धमकियां मिल रही हैं और उनके चरित्र पर भद्दे कमेंट्स किए जा रहे हैं. आस्था ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस डिजिटल लिंचिंग के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी. उन्होंने बैंक प्रबंधन को पहले ही ईमेल भेज दिया था और अब वह वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराने जा रही हैं.

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