गाजियाबाद: हिस्ट्रीशीटर राहुल चौधरी पर अंधाधुंध फायरिंग, 5 गोली लगने के बाद खुद कार चलाकर पहुंचा अस्पताल

गाजियाबाद के मोदीनगर में स्वागत ढाबा के बाहर हिस्ट्रीशीटर राहुल चौधरी पर 5 राउंड फायरिंग। गर्दन और सीने में लगी गोली। 18 मुकदमों का आरोपी राहुल खुद ड्राइव कर पहुंचा अस्पताल।

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके से हिस्ट्रीशीटर राहुल चौधरी पर जानलेवा हमले की घटना सामने आई है, जहां उस पर तीन बदमाशों ने एक बाद एक करीब 5 फायर कर दिए. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में वह बिना किसी अन्य की मदद से पांच गोली लगने के बावजूद कार ड्राइव कर अस्पताल पहुंचा, जहां उसकी हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है. घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. आईये जानते है कौन है हिस्ट्रीशीटर राहुल चौधरी?

दरअसल, यह पूरी वारदात मोदीनगर थाना क्षेत्र के NH-58 के पास सीकरी कलां में स्थिति स्वागत ढाबा के बाहर की है, जहां गुरुवार रात करीब 9:30 बजे हिस्ट्रीशीटर राहुल अपनी स्कॉर्पियो कार से वहां पहुंचा था. कुछ ही सेकंड घात लगाए बैठे बदमाशों में से एक बदमाश ने स्कॉर्पियो कार का ड्राइव तरफ की साइड का गेट खोला और फिर बाकी दो बदमाश भी कार के पास पहुंच गए. तीनों कार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.

हिस्ट्रीशीटर को मारी पांच गोली

राहुल को इस दौरान ए गर्दन, सीने, पेट और पैर में पांच गोलियां लगीं. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल राहुल चौधरी करीब 30 मिनट तक खुद गाड़ी चलाकर संजय नगर स्थित निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा था. अस्पताल में उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. बता दें कि घायल हिस्ट्रीशीटर राहुल चौधरी का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है.

2020 में डबल मर्डर

राहुल चौधरी मोदी नगर के गांव बेगमाबाद का रहने वाला है, उसके ऊपर 18 मुकदमे दर्ज हैं. हाल-फिलहाल राहुल अपनी पत्नी करिश्मा समेत राज नगर एक्सटेंशन में रह रहा था. 2008 में मोदीनगर में ही होमगार्ड में प्लाटून कमांडर के पद पर तैनात रहे जवान के भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है. 2020 में भी उसने डबल मर्डर की एक घटना को अंजाम दिया था. आरोप है कि साल 2020 में दशहरा के दिन राहुल ने अपने सगे भाई राजकमल और पारुल गोली को गोली मार दी थी. हालांकि, भाई की हत्या के मामले में राहुल बरी हो चुका है.

जमानत पर बाहर आया था राहुल चौधरी

राहुल पर अलग-अलग स्थान में लूट, हत्या जानलेवा हमले समेत अलग-अलग धाराओं में करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें से 7 मामलों वह बरी हो चुका है. इतना ही नहीं, वह साल 2025 में जिला पंचायत सदस्य के बेटे एवं राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के जिलाध्यक्ष रवि वाल्मीकि से 15 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भी जा चुका है. कुछ दिनों पहले ही वह जमानत पर बाहर बाहर आया था.

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