गुड़गांव: PWD और NHAI के चक्कर में फंसा फर्रूखनगर रोड, हादसों का बना अड्डा

फर्रूखनगर-वजीरपुर रोड की बदहाली ने ली लोगों की जान! PWD और NHAI के विवाद में अधर में लटका निर्माण कार्य। उड़ती धूल और जानलेवा गड्ढों से ग्रामीण परेशान, जाम की चेतावनी।

गुड़गांव : फर्रूखनगर -वजीरपुर रोड को तोड़कर दोबारा बनाए जाने का कार्य दो विभागों के बीच लटक गया है। भले ही इस रोड को बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कार्य शुरू किया हो, लेकिन नेशनल हाइवे अथोरिटी ऑफ इंडिया ने इसे अपने अधीन ले लिया जिसके बाद से रोड की मरम्मत का कार्य बीच में ही रुक गया। हालात यह है कि अब यह रोड लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। इस रोड पर रोजाना ही दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों को मानों इससे कोई लेना देना नहीं है।

घायल आकाश देशवाल ने बताया कि करीब एक महीने से इस सड़क को जेसीबी की मदद से खुरच दिया गया है। ऐसे में यहां वाहनों का खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों का चल पाना मुश्किल हो रहा है। रोजाना ही यहां बाइक सवारों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि 13 मार्च को उनकी बाइक इस रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। 10 दिन तक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद वह जिंदगी की जंग जीत गए हैं और अब फिलहाल उनका घर पर इलाज चल रहा है। अभी उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में डेढ़ से दो माह लग जाएंगे। हैरत की बात यह है कि इस दुर्घटना के लिए वह किस विभाग को जिम्मेदार ठहराए। पहले यह रोड पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती थी और इसकी मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया, लेकिन एनएचएआई ने इसे अपने अधीन ले लिया और कार्य पूरा करने की बजाय इस रोड को बीच अधर में ही लटका दिया जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

दयनीय हालत में पहुंचे रोड ने लोगों की परेशानी बड़ा दी है। सड़क को उखाड़े जाने के बाद पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक उड़ती धूल के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। कई लोगों ने आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं की शिकायत है। वहीं, टूटी सड़क की वजह से ट्रैफिक जाम आम हो गया है।

आपको बता दें कि जिले की टूटी सड़कों को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश जिला उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए थे। यह कार्य जनवरी माह के अंत तक ही पूरा हो जाना था,लेकिन आज तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। हैरत की बात यह है कि मरम्मत के नाम पर खुरचे गए इस रोड को एक महीने से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद ऐसे ही छोड़ दिया गया है जिसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। ऐसे में इस सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी किसकी है। स्थानीय लोगों ने इस सड़क के कारण हो रही परेशानी को लेकर प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि अगर जल्द ही इस रोड की सुध न ली तो वह सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे और गुड़गांव, फर्रूखनगर, पटौदी रोड को पूरी तरह से जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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