चंडीगढ़ मेयर चुनाव: AAP पार्षद रामचंद्र यादव ने ठोकी निर्दलीय ताल, कांग्रेस के समर्थन ने बदला समीकरण

चंडीगढ़ मेयर के चुनाव से पहले कांग्रेस और AAP का गठबंधन टूट गया है.

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ ही AAP में बगावत हो गई है. आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव ने निर्दलीय ही डिप्टी मेयर के पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया.

कांग्रेस के दो पार्षद रामचंद्र यादव के नाम के प्रस्तावक बने. रामचंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने पार्टी से चुनाव में उम्मीदवारी की मांग की थी लेकिन पार्टी ने नहीं माना. लेकिन वो अभी भी आम आदमी पार्टी में हैं. अब पार्टी चाहे तो उनके ऊपर जो मर्जी कार्यवाही करे.

कांग्रेस और AAP का गठबंधन टूटा

दरअसल, चंडीगढ़ मेयर के चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) का गठबंधन टूट गया है. इसकी वजह पंजाब विधानसभा चुनाव बताई जा रही है. दोनों ही पार्टियां गठबंधन की मौखिक सहमति देने के बावजूद औपचारिक ऐलान करने से पहले ही अलग हो गईं.

आम आदमी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा हो गई है. मेयर पद के लिए योगेश ढींगरा (वार्ड नंबर-25), सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए मुन्नवर खान (वार्ड नंबर-29) और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर (वार्ड नंबर-1) का ऐलान किया गया है.

चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद

बता दें कि चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं. मेयर पद पर जीत के लिए किसी भी पार्टी को 19 वोट की जरूरत होती है. चुनाव के लिए सबसे ज्यादा वोट बीजेपी के पास हैं. उसके पास कुल 18 पार्षद है. वहीं, 11 वोट आम आदमी पार्टी के पास हैं. कांग्रेस के पास 7 वोट हैं, जिसमें एक वोट सांसद मनीष तिवारी का रहेगा. कुल 35 पाषर्दों वाले निगम में बहुमत के लिए 19 वोट चाहिए होते हैं.

क्या है नगर निगम की स्थिति

  • निगम में कुल पार्षद 35 + 1 सांसद
  • कांग्रेस 6 पार्षद + 1 सांसद
  • आम आदमी पार्टी 11 पार्षद
  • बीजेपी 18 पार्षद
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