देश में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: दिल्ली स्पेशल सेल ने कैसे दबोचे 8 संदिग्ध? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

दिल्ली की स्पेशल सेल ने तमिलनाडु-बंगाल से एक बांग्लादेशी समेत 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. एडिशनल CP, प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों को बांग्लादेश में बैठे Lashkar-e-Taiba (LeT) का एक हैंडलर हैंडल कर रहा था.

दिल्ली की स्पेशल सेल ने तमिलनाडु-बंगाल से एक बांग्लादेशी समेत 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. पकड़े आतंकी देश में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे. इन सभी के पाकिस्तानी ISI एजेंसी और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों से कनेक्शन होने की बात सामने आई है. इनके कब्जे से 12 मोबाइल और 16 सिमकार्ड बरामद किए गए हैं. दिल्ली स्पेशल सेल के एडिशनल CP प्रमोद कुमार कुशवाहा ने की टीम ने इस पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है.

दिल्ली में लगाए गए थे देश विरोधी पोस्टर

एडिशनल CP, प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों को बांग्लादेश में बैठे Lashkar-e-Taiba (LeT) का एक हैंडलर हैंडल कर रहा था. उनका का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया. 7 फरवरी को कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों पर खंभों पर देशविरोधी पोस्टर चिपकाए गए थे. इन पोस्टरों में आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों की तस्वीरें और भारत विरोधी संदेश थे. घटना पर सबसे पहले सीआईएसएफ की नजर पड़ी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट को सूचना दी गई. मामला गंभीर होने के कारण जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई.

कोलकाता से बांग्लादेशी नागरिक समेत दो गिरफ्तार

एडिशनल CP, प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि जांच के दौरान स्पेशल सेल की टीम कोलकाता पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से दो आरोपियों उमर फारूक और बांग्लादेशी नागरिक रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए थे. जांच में यह भी सामने आया कि 10 फरवरी को कोलकाता के कई मेट्रो स्टेशनों और अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए गए थे.

बांग्लादेश से मिल रहे थे निर्देश

दिल्ली स्पेशल एडिशनल CP ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों को बांग्लादेश में बैठे शब्बीर अहमद लोन निर्देश दे रहा था. शब्बीर अहमद लोन जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल का निवासी है. लोन को वर्ष 2007 में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उसके पास से AK-47 और ग्रेनेड बरामद हुए थे और वह एक बड़े राजनीतिक नेता की हत्या की साजिश रच रहा था. वह कई वर्षों तक जेल में रहा और 2019 में रिहा होने के बाद कथित तौर पर बांग्लादेश भाग गया. जांच में संकेत मिले हैं कि रिहाई के बाद उसने दोबारा Lashkar-e-Taiba से संपर्क साधा और एक नया मॉड्यूल तैयार किया. उसने अपने सहयोगियों को इकट्ठा कर ड्राई रन भी कराए और दिल्ली व कोलकाता में पोस्टर लगाने की साजिश रची.

तमिलनाडु से 6 और गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक तमिलनाडु में ठहरे हुए थे और उन्हें कोलकाता लाकर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी थी. इसके बाद स्पेशल सेल की टीम तमिलनाडु पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से छह और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क, फंडिंग और अन्य संभावित साजिशों की जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.

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