पानीपत: एक्साइज विभाग का फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 7 असली अधिकारियों के साथ मिलकर कर रहा था वसूली

थाना किला क्षेत्र में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी पहचान पत्र बनाकर खुद को हरियाणा एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग का इंस्पेक्टर बताने वाले पानीपत जिले के गांव बिंझौल निवासी मनमोहित को गिरफ्तार कर लिया है।

पानीपत। थाना किला क्षेत्र में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी पहचान पत्र बनाकर खुद को हरियाणा एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग का इंस्पेक्टर बताने वाले पानीपत जिले के गांव बिंझौल निवासी मनमोहित को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपित के पास से टैक्स विभाग का फर्जी आईडी कार्ड, दो मोबाइल फोन, टाटा हैरियर कार और कार से बरामद दो फर्जी नंबर प्लेट पुलिस ने कब्जे में ली हैं। पुलिस की जांच में रमेश मांडी और अभिनव पूनिया सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर पानीपत, हंसलाल ईटीओ, वीरेंद्र इंस्पेक्टर जगाधरी, पवन इंस्पेक्टर करनाल, राकेश इंस्पेक्टर कुरुक्षेत्र और अजय इंस्पेक्टर पंचकूला से मिलीभगत होने बात सामने आई है।

पुलिस ने इन सभी को भी नामजद करते हुए केस दर्ज कर लिया है। पुलिस इन सभी अधिकारियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की पड़ताल के साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है।

पुलिस के अनुसार मनमोहित ट्रांसपोर्टरों और कोरियर कंपनियों की गाड़ियों को टैक्स चोरी के नाम पर रुकवाकर डराता-धमकाता था। वह असली अधिकारियों से मिलीभगत कर मौके पर मोटा जुर्माना बताता, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कम जुर्माना दर्ज कराया जाता था।

शेष रकम को आपसी साठगांठ से बांटकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता था। आरोपित ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह विभिन्न जिलों में तैनात टैक्स अधिकारियों से संपर्क में रहकर यह काम करता था और अवैध वसूली से मिली रकम अपने और स्वजन के बैंक खातों व यूपीआई के माध्यम से लेन-देन करता था।

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