फतेहाबाद: सरकारी स्कूलों के रसोइयों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग, बच्चों को मिलेगा अब और भी पौष्टिक मिड-डे मील!
फतेहाबाद के 462 स्कूलों में रसोइयों को आधुनिक कुकिंग और स्वच्छता का प्रशिक्षण। मिड-डे मील में पोषण और नई रेसिपी पर जोर। शिक्षा विभाग का बड़ा कदम।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने फतेहाबाद जिले में एक विशेष अभियान शुरू किया है। जिले के 462 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत ‘कुक-कम-हेल्पर’ (रसोइयों) को भोजन पकाने की आधुनिक तकनीकों, स्वच्छता के मानकों और पोषण की बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह प्रशिक्षण?
अक्सर देखा जाता है कि स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान स्वच्छता की कमी या पोषक तत्वों के नष्ट होने की शिकायतें आती हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रसोइए हाथ धोने, बर्तन साफ रखने और एप्रन-कैप का सही इस्तेमाल करना सीखें। सब्जियों को ज्यादा न पकाना और दालों-चावल को सही तरीके से तैयार करना ताकि विटामिन और मिनरल्स बरकरार रहें। बच्चों को दिए जा रहे फोर्टिफाइड चावल के फायदों और उसे पकाने के सही तरीके के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान रसोइयों को नए रेसिपी मेन्यू से भी अवगत कराया जाएगा। इसमें मौसमी सब्जियों, बाजरा (मिलेट्स) और स्थानीय पौष्टिक सामग्रियों को शामिल करने पर जोर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनिंग के बाद रसोइयों को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रशिक्षण बैच के अनुसार आयोजित किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ और डाइट (DIET) के प्रशिक्षक भी शामिल होंगे, जो रसोइयों को बताएंगे कि कैसे कम लागत में बच्चों के लिए ‘बैलेंस्ड डाइट’ (संतुलित आहार) तैयार की जा सकती है।