भिवानी: कैरू में होली की पारंपरिक तैयारियां शुरू, महिलाएं बना रही हैं गोबर के ‘बड़कुले’ और ‘ढाल’
कैरू क्षेत्र में होली के त्योहार को लेकर महिलाओं ने पारंपरिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। बच्चों की दीर्घायु के लिए गाय के गोबर से 'बड़कुले' और 'ढाल' तैयार किए जा रहे हैं। जानें होलिका पूजन की इस सदियों पुरानी रस्म और बदलती परंपराओं के बारे में।
कैरू। रंगों के पर्व होली में मात्र पांच दिन शेष हैं। कैरू क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में होली की रंगत छाने लगी है। हर वर्ग होली को अपने-अपने अंदाज में मनाने में लगा है। वहीं परंपरागत तरीके से होली पर्व मनाने को लेकर महिलाओं ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। महिलाओं ने होलिका पूजन के लिए बड़कुले और ढाल तैयार किए हैं। गाय के गोबर से तैयार की गई ये पारंपरिक चीजे रीति रिवाज से जुड़ी हैं।