भिवानी: बदलते मौसम और धूल से बढ़ी बीमारियां, नागरिक अस्पताल की OPD में मरीजों की भारी भीड़

भिवानी में बदलते मौसम और बढ़ती धूल-मिट्टी ने बढ़ाई श्वसन रोगियों की संख्या। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता से जानें एलर्जी और अस्थमा से बचाव के तरीके और जरूरी सावधानियां।

भिवानी। प्रदेश में बदलते मौसम के मिजाज और वातावरण में बढ़ती धूल-मिट्टी का असर अब आमजन की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल में एलर्जी, नजला-जुकाम और श्वास संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इन दिनों भारी इजाफा हुआ है। अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 350 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या धूल से होने वाली एलर्जी और श्वास संक्रमण से ग्रस्त लोगों की है।

जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव, शुष्क हवाएं और वातावरण में बढ़े धूल कणों के कारण एलर्जी, खांसी, गले में खराश, सांस फूलना और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से पुराने श्वास रोगियों की परेशानी पहले की तुलना में अधिक हो गई है।

उन्होंने बताया कि इस मौसम में लापरवाही गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है। समय पर जांच और उपचार के साथ-साथ बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति, बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें।

ये रखें ध्यान

: धूल-मिट्टी वाले स्थानों पर जाते समय मास्क अवश्य पहनें ताकि एलर्जी पैदा करने वाले कण फेफड़ों तक न पहुंचें।
: यदि संभव हो तो अत्यधिक धूल और निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
: बाहर से आने के बाद चेहरे और हाथों को अच्छी तरह धोएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

एलर्जी और नजला-जुकाम को हल्के में न लें। यदि लक्षण बढ़ते हैं, जैसे लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार या सीने में जकड़न, तो तुरंत नजदीकी नागरिक अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लें और दवाइयों का पूरा कोर्स करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.