महाराष्ट्र सियासत: राज ठाकरे से मिले पार्थ पवार, तटकरे से नाराजगी और नई हलचल

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़। पार्थ पवार ने राज ठाकरे से की 1.5 घंटे मुलाकात। सुनील तटकरे के बैनर विवाद और एनसीपी की कलह पर विशेष रिपोर्ट।

महाराष्ट्र में 2 महीने पहले एक विमान हादसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद वहां की सियासत पूरी तरह से बदल गई है. शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और उनके भतीजे रोहित पवार विमान हादसे की लगातार जांच की मांग कर रहे हैं, तो वहीं उनके बेटे पार्थ पवार ने आज सोमवार को राज ठाकरे के साथ मुलाकात कर राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है.

क्या उद्धव ठाकरे से नाराज चल रहे राज!

अजित पवार के बेटे पार्थ का नाम पुणे जमीन घोटाले में सामने आ चुका है, जब इनका नाम सामने आया था तब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता राज ठाकरे ने उनका बचाव किया और खुली निंदा भी की थी.

साथ ही नगर निगम चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सार्वजनिक रूप से मुलाकात भी नहीं देखने को मिल रही है, जैसा कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव के दौरान दोनों नेताओं के बीच देखी जा रही थी. कहा ये भी जा रहा है कि राज की पार्टी को बीएमसी में एक भी सीट (नगरसेवक) नहीं मिलने से ज्यादातर नेता उद्धव ठाकरे की शिवसेना से नाराज हैं.

तटकरे के बैनर पर फोटो विवाद

वहीं पार्थ पवार और अजित पवार के समर्थक भी एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे से नाराज बताए जा रहे हैं. इसके पीछे रायगढ़ जिले के जिला पंचायत और नगरपरिषद चुनाव के सदस्यों के सम्मान का जो कार्यक्रम आयोजित किया गया था उसमें सिर्फ सुनील तटकरे और उनकी मंत्री बेटी अदिति तटकरे के साथ तटकरे परिवार की हो फ़ोटो लगाई गई थी.

इन बैनर पर न तो अजित पवार की फ़ोटो थी और न ही सुनेत्रा पवार की, इससे अजित पवार के समर्थक खुश नहीं हैं. हालांकि विवाद बढ़ने पर सुनील तटकरे ने इस पर खेद भी व्यक्त किया और रायगढ़ जिले के एनसीपी के कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि पार्टी अध्यक्षा और दिवंगत अजित दादा की फ़ोटो हर बैनर पर हो.

महाराष्ट्र में अब अगले 3 साल तक किसी तरह का कोई चुनाव नहीं है, ऐसे में लगता है कि पार्थ अब अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने और युवा शक्ति के रूप में नए चेहरों को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं.

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