रांची में मातम में बदलीं शादी की खुशियां: मंडप से गायब हुए दो बुजुर्ग, सुबह कुएं में मिली दोनों की लाश!

रांची के तिगरा गांव में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं, जब समारोह में शामिल दो बुजुर्गों के शव अगले दिन खेत के कुएं से मिले. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

झारखंड की राजधानी रांची जिले में सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां तिगरा गांव एक शादी समारोह की खुशियां मातम में बदल गईं. गांव में जहां एक ओर विवाह की रस्में चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर उसी समारोह में शामिल होने आए दो बुजुर्गों के शव गांव के बाहर खेत में स्थित एक कुएं से मिले. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

रांची जिले के बेड़ो थाना क्षेत्र के जरिया गांव निवासी दो बुजुर्ग बंधन भगत और पुनई उरांव एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए रातू थाना क्षेत्र के तिगरा गांव आए थे. तिगरा गांव निवासी दसु उरांव के घर पर आयोजित छेका समारोह में दोनों ने भाग लिया था. समारोह में पारंपरिक रांची में शादी में आए दो बुजुर्ग हो गए अचानक गायब, सुबह कुएं में मिली दोनों की लाश; मातम में बदलीं खुशियां निभाई जा रही थी और गांववाले नाचने-गाने में मग्न थे. कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसके बाद अधिकांश मेहमान अपने-अपने घर लौट गए.

सुबह कुएं में मिली दोनों की लाश

हालांकि समारोह में शामिल हुए बंधन भगत और पुनई उरांव वापस अपने गांव नहीं पहुंचे. रात बीतने के बाद परिजनों को चिंता हुई और दोनों की तलाश शुरू की गई. ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. इसी बीच अगले दिन तिगरा गांव के बाहर एक खेत में बने कुएं में दो शव दिखाई देने की सूचना मिली. जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पता चला कि शव उन्हीं दोनों बुजुर्गों के हैं, जो शादी समारोह में आए थे.

सूचना तत्काल रातू थाना पुलिस को दी गई. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कुएं से बाहर निकलवाकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स अस्पताल भेज दिया. मृतक पुनई उरांव की बेटी चमेली उरांव ने रातू थाना में यूडी केस दर्ज कराया है.

 

कुएं की घेराबंदी नहीं थी

आशंका जताई जा रही है कि दोनों बुजुर्ग रात में समारोह स्थल से निकले होंगे और अंधेरे में रास्ता भटककर खेत की ओर चले गए. खेत में सिंचाई के लिए बनाए गए कुएं पर किसी प्रकार की सुरक्षा रेलिंग या घेराबंदी नहीं थी. संभावना है कि अंधेरे में गहरा कुआं दिखाई न देने के कारण दोनों उसमें गिर पड़े, जिससे उनकी मौत हो गई. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

 

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में झारखंड के लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र के तान मकरा गांव में भी एक सुनसान कुएं से महिला और उसके तीन बच्चों के शव बरामद होने की घटना सामने आई थी. उस घटना ने भी क्षेत्र में गहरा आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया था.

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