रूस की ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’: WhatsApp पर बैन की तैयारी, 10 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी पर खतरा!

रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन सरकार WhatsApp को ब्लॉक करने की तैयारी में है। मेटा का आरोप है कि रूस 10 करोड़ यूजर्स को सरकारी सर्विलांस ऐप 'MAX' पर शिफ्ट करना चाहता है। जानें क्या है पूरा विवाद।

अमेरिका से बढ़ते तनाव और यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस ने बड़ी ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी कर ली है. रूस ने व्हाट्सऐप पर गाज गिराने की तैयारी कर ली है. ऐसा पहली बार नहीं है जब रूस में WhatsApp सर्विस पर प्रतिबंध को लेकर विवाद गहरा गया है. पिछले साल भी कई बार इस तरह की खबरें सामने आई थी कि मेटा ने रूस अधिकारियों पर इस बात के आरोप लगाए थे कि 10 करोड़ से ज्यादा लोगों से निजी बातचीत का अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है.

क्या है WhatsApp का कहना?

WhatsApp ने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर इस बात की जानकारी दी है कि रूस की सरकार ने लोगों को सरकारी सर्विलांस ऐप की तरफ धकेलने के लिए WhatsApp को पूरी तरह से ब्लॉक करने की कोशिश की है. WhatsApp ने कहा कि यह ब्लॉक रूस की कोशिश है ताकि यूजर्स को सरकारी सर्विलांस ऐप पर ले जाया जा सके.

100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा यूजर्स को प्राइवेट और सिक्योर कम्युनिकेशन से अलग करने की कोशिश एक पिछड़ा कदम है और इससे रूस में लोगों की सेफ्टी कम ही होगी. हम यूजर्स को कनेक्टेड रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. कंपनी के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स से बातचीत के दौरान बताया, रूस सरकार अपने देश में बने प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट कर रही है और इंटरनेट स्पेस पर ज्यादा कंट्रोल चाहती है.

रूस में इस ऐप को किया जा रहा है प्रमोट

फरवरी 2022 में मॉस्को के यूक्रेन पर हमले के बाद विदेशी टेक प्रोवाइडर्स के साथ चल रहा विवाद और बढ़ गया है. रूस में MAX नाम के सरकारी सपोर्टेड कॉम्पिटिटर ऐप को प्रमोट किया जा रहा है, इस ऐप के बारे में आलोचकों ने दावा किया कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है. वहीं, दूसरी ओर सरकारी मीडिया ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है.

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