लखनऊ लूट कांड: 6 लाख लूटे, खाटू श्याम में 15 हजार चढ़ाए, फिर पुलिस एनकाउंटर
लखनऊ में 6.35 लाख की लूट के बाद आरोपियों ने खाटू श्याम मंदिर में चढ़ाए 15 हजार रुपये। मदेयगंज पुलिस ने एनकाउंटर के बाद सभी 8 आरोपियों को दबोचा। ₹5 लाख बरामद।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चोरों ने 6.35 लाख रुपये की लूट की. इसके बाद मंदिर पहुंचे और भगवान को लूटी हुई रकम में से 15 हजार चढ़ाए. हालांकि, इसके बाद भी वो बच नहीं पाए और पुलिस ने उन्हें एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर लिया. मामला लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र का है. यहां शराब कारोबारी के कलेक्शन एजेंट से 6.35 लाख रुपये की नकदी लूट की वारदात का पुलिस ने पूरा खुलासा कर दिया है. पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लूट करने के तुरंत बाद सभी आरोपी खाटू श्याम जी मंदिर पहुंच गए और लूटी गई रकम में से 15 हजार रुपये दानपात्र में डाल दिए.
पुलिस के अनुसार, 25 मार्च को मदेयगंज क्षेत्र में हर्ष जायसवाल नामक कलेक्शन एजेंट को आरोपियों ने चाकू दिखाकर रोक लिया था. उन्होंने चाकू मारने की कोशिश भी की और 6.35 लाख रुपये की नकदी छीन ली. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया, जबकि बाकी छह को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया.
मुख्य आरोपी आलोक तिवारी और उसके साथी सजीत सिंह को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एनकाउंटर में पकड़ा गया. एनकाउंटर के दौरान आलोक तिवारी के पैर में गोली लगी. अन्य गिरफ्तार आरोपियों में निर्भय तिवारी, भूपेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कुमार उर्फ राज पांडे, मिलन द्विवेदी, कन्हैया दीक्षित और आदर्श तिवारी शामिल हैं.
पुलिस ने लूट की रकम में से 5 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं. साथ ही लूट में इस्तेमाल चाकू, बाइक और तमंचा भी जब्त किया गया है.
जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आठ आरोपी सीधे राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम जी मंदिर चले गए. वहां उन्होंने दर्शन किए और लूटी गई रकम में से 15 हजार रुपये दानपात्र में डाल दिए. पुलिस का कहना है कि आरोपी धार्मिक यात्रा का बहाना बनाकर फरार होने की कोशिश कर रहे थे.
मदेयगंज पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, एक्सप्रेसवे पर मिली लोकेशन और तकनीकी जानकारी का सहारा लेकर मात्र कुछ ही दिनों में पूरे गैंग को पकड़ लिया. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के सही इस्तेमाल से इस मामले को इतनी जल्दी सुलझाना संभव हो पाया.
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस गैंग की अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी पता लगा रही है.