शहर की सफाई का नया फॉर्मूला: अब किलोमीटर नहीं, वर्ग मीटर के हिसाब से चकाचक होंगे वार्ड
नगर परिषद भवन में खड़ी एंटी स्मॉगगन मशीन।
भिवानी। अब शहर की सफाई व्यवस्था किलोमीटर के बजाय वर्ग मीटर (क्षेत्रफल) के आधार पर तय की जाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने नई कार्य योजना का विस्तृत खाका तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया है। यह बदलाव सफाई की गुणवत्ता में सुधार, कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और संकरी गलियों को भी स्वच्छता के दायरे में लाने के उद्देश्य से किया गया है।
नगर परिषद द्वारा शहर की सफाई का ठेका अब पांच साल के लिए तय किया जाएगा जिस पर सालाना करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत सरकार के न्यूनतम मेहनताना के अनुसार 250 नए सफाई कर्मचारी भी लगाए जाएंगे। नए मानकों के अनुसार अब सड़कों की लंबाई के बजाय कुल सफाई योग्य क्षेत्रफल के आधार पर मैनपावर और मशीनों की तैनाती की जाएगी।
नगर परिषद ने सटीक मैपिंग कराकर इसका विवरण भी मुख्यालय को भेजा है। नए सफाई खाके में हर वार्ड के चप्पे-चप्पे को मैपिंग के जरिए शामिल किया गया है। इससे कचरा संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी तथा संकरी गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
शहर की सड़कों पर धूल कणों व प्रदूषण को नियंत्रित करेगी स्मॉग गन मशीन
ये है एंटी स्मॉग गन
चार माह से खराब पड़ी स्वीपिंग मशीन कराई ठीक
नगर परिषद ने पांच साल के लिए सफाई की कार्य योजना का खाका मुख्यालय भेजा है जिसमें किलोमीटर के बजाय अब वर्ग मीटर के आधार पर सफाई की प्राथमिकता तय की गई है। नगर परिषद ने अपनी नई स्मॉग गन मशीन खरीद ली है जिसका उपयोग हवा में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही नगर परिषद जल्द ही अपनी स्वीपिंग मशीन भी खरीदेगी जिससे शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम सभी मिलकर कृतसंकल्प होकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।