शहर के विकास पर ‘अवैध’ ग्रहण: 24 कॉलोनियों की फाइल फिर अटकी, प्रशासन की सुस्ती से अधर में भविष्य
शहर के रोहतक रोड पर बढ़ा शहर का अनाधिकृत दायरा।
भिवानी। शहर की अवैध कॉलोनियों के बुने जाल में विकास पूरी तरह उलझता नजर आ रहा है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने शहर के चारों तरफ स्थित 24 यूसी (अनधिकृत कॉलोनियों) को अधिकृत करने के मसौदे पर एक बार फिर आपत्ति लगाते हुए फाइल नगर परिषद को वापस लौटा दी है। यह पहला मौका नहीं है बल्कि अब तक सात से आठ बार फाइल आपत्तियों के साथ लौटाई जा चुकी है। शहर के चारों तरफ अनधिकृत रूप से विकसित हो चुकी कॉलोनियों का बड़ा इलाका अब जनसुविधाओं की मांग कर रहा है जबकि इन रिहायशी इलाकों के बीच मौजूद खेत अधिकृत होने में बड़ी अड़चन बने हुए हैं।
हरियाणा सरकार द्वारा कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने के नए नियम भी अधिकारियों के लिए उलझन बने हुए हैं। ऐसे में नगर परिषद भिवानी 24 अनधिकृत कॉलोनियों के करीब 400 एकड़ क्षेत्र को शहरी दायरे में शामिल कराने के लिए कई बार शहरी स्थानीय निकाय विभाग को मसौदा भेज चुकी है लेकिन हर बार उस पर आपत्ति लगाकर लौटा दिया गया। अब एक बार फिर नगर परिषद अधिकारी अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कर शहरी दायरा बढ़वाने की कोशिश में हैं जहां पहले ही अवैध कॉलोनाइजर प्लाॅट बेच चुके हैं। हालांकि इन अनधिकृत कॉलोनियों के अंदर राजस्व विभाग द्वारा भूमि का वसीका पंजीकरण बंद किया हुआ है। ऐसे में अधिकांश लोग एग्रीमेंट के आधार पर ही अपने सपनों का घर बनाकर मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं।
1967 में पहली बार बढ़ा था भिवानी शहर का दायरा
शहर के इन इलाकों में तेजी से विकसित हुई हैं अनधिकृत कॉलोनियां
एक माह में 20 एकड़ में चला था पीला पंजा, अब तबादले की गिरी गाज
शहर के चारों तरफ नगर परिषद की हद बढ़ाने के लिए 24 अनधिकृत कॉलोनियों का मसौदा शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय द्वारा आपत्ति लगाकर वापस भेजा गया है। फिलहाल इसे दुरुस्त किया जा रहा है और जल्द ही फिर से मुख्यालय को भेजा जाएगा। मुख्यालय ने कुछ रिहायशी कॉलोनियों के आसपास खाली भूमि यानी कृषि भूमि होने का हवाला देकर आपत्तियां दर्ज की हैं। शहर की 24 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने के बाद करीब 400 एकड़ का अधिकृत दायरा और बढ़ जाएगा, जिसके बाद लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।