सूरजकुंड मेला 2026 समापन: आखिरी दिन उमड़ा जनसैलाब, मिर्जापुर के 5 लाख वाले ‘हैंडमेड कारपेट’ बने आकर्षण का केंद्र

39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज आखिरी दिन है। हरियाणा के राज्यपाल करेंगे समापन। मेले में मिर्जापुर के वूलन सिल्क और कॉटन कारपेट की भारी डिमांड रही, जिनकी कीमत ₹1500 से ₹5 लाख तक है। पर्यटकों ने की जमकर खरीदारी।

फरीदाबाद  : 39 में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज आखिरी दिन है। हरियाणा के गवर्नर समापन करेंगे। वहीं मेले की समाप्ति को देखते हुए शुक्रवार को 2 लाख मेला पर्यटक मेला देखने आए। भारी संख्या में मेला दर्शक मेला प्रांगण में पहुंच रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

इस बार थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कारपेट लेकर आए क्राफ्ट मैन ने बताया कि मेले में उनके हैंडमेड और मशीन मेड कारपेट की भरी मांग बनी हुई है और मेला दर्शक इसे खरीद रहे हैं। खरीददारों ने भी बताया कि उनके डिजाइन यूनिक हैं और ऐसी क्वालिटी मार्केट में देखने को नहीं मिलती, इनके दाम भी वाजिब हैं।

स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से वूलन सिल्क और कॉटन के कार्पेट लेकर आए क्राफ्ट मैंने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए कारपेट की लाइफ 50 साल से भी ज्यादा है और इनमें नेचुरल कलर का प्रयोग किया गया है, जहां हैंडमेड कारपेट की लाइफ अधिक है। वहीं मशीनी कारपेट की लाइफ थोड़ी कम होती है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर 1500 से लेकर 5 लाख तक की कीमत के कारपेट उपलब्ध हैं और मेला दर्शक इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं।

वहीं कारपेट खरीद रही महिलाओं ने बताया कि इनके द्वारा बनाए गए कारपेट बहुत ही यूनिक है और आम मार्केट में यह नहीं मिलते। इनके दाम भी वाजिब है और डिजाइन भी खूबसूरत है। इसलिए हम अपने घर के लिए कारपेट पसंद कर रहे हैं। एक अन्य महिला ने बताया कि उसने यहां से कारपेट खरीदे हैं और उनकी क्वालिटी जहां बेहतरीन है।

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