हरियाणा में आभा आईडी का कमाल: 1.79 करोड़ से अधिक लोगों के हेल्थ कार्ड तैयार, गुरुग्राम सबसे आगे; जानें इसके फायदे

हरियाणा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 1.79 करोड़ लोगों की ABHA ID बन चुकी है। गुरुग्राम 12.6 लाख आईडी के साथ नंबर वन पर है। अब एक क्यूआर कोड स्कैन करते ही डॉक्टरों को मिलेगी मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री। जानें कैसे बनवाएं।

झज्जर: आभा आईडी के जरिये लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड अब एक जगह सुरक्षित होगा। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 79 लाख 16 हजार v651 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। इससे बनवाने में गुरुग्राम के लोग सबसे आगे हैं। गुरुग्राम में अब तक 12.6 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। दूसरे नंबर पर फरीदाबाद जिला है यहां अब तक 12.5 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी हैं। तीसरे नंबर पर हिसार जिला है जहां पर 11.8 लाख लोगों की आईडी बनी हैं।

प्रदेश में 52.85 प्रतिशत पुरुषों और 47.15 प्रतिशत महिलाओं ने आईडी बनवाई है। इसी प्रकार से 0 से 5 साल तक के 4.94 प्रतिशत, 6 से 18 साल के 15.55 प्रतिशत, 19 से 45 साल के 50.3 प्रतिशत, 46 से 60 साल के 16.7 प्रतिशत और 60 साल से अधिक उम्र के 12.51 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनवाई है। यह आईडी सीएचसी सेंटर के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी बनाई जा रही हैं। आभा कार्ड सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल रूप से जारी स्वास्थ्य पहचान है जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की तरफ से किया जाता है।

सभी जानकारी एक जगह मिलेगी 
आईडी में इलाज का इतिहास, ब्लड ग्रुप, बीमारी का विवरण, ली गई दवाइयां, लैब जांच रिपोर्ट, एमआरआई, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी। आभा हेल्थ आईडी के साथ एक क्यूआर कोड भी मिलता है। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड तुरंत देखा जा सकता है। इससे डॉक्टर सही जानकारी के आधार पर बेहतर उपचार कर सकेंगे।

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