हिंदू महासभा का ताजमहल ज्ञापन: उर्स नहीं, शिव तांडव होगा

आगरा के ताजमहल में 15 से 17 जनवरी को प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर विवाद बढ़ गया है.

उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल के अंदर 15, 16 और 17 जनवरी को प्रस्तावित ‘उर्स’ के आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है. अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस आयोजन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंगलवार को ताजमहल परिसर के पास जोरदार प्रदर्शन किया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के निदेशक को ज्ञापन सौंपकर उर्स पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में तर्क दिया गया है कि ताजमहल में होने वाली किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए पुरातत्व विभाग के पास कोई ऐतिहासिक वैधानिक आदेश मौजूद नहीं है. ज्ञापन में कहा गया है कि राजकुमार राजे द्वारा मांगी गई जन सूचना में एएसआई ने स्पष्ट किया था कि नमाज या उर्स की इजाजत से संबंधित मुगलकालीन या ब्रिटिशकालीन कोई लिखित आदेश विभाग के पास नहीं है.

पोस्टर विवाद से बढ़ा तनाव

महासभा का दावा है सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ स्थानीय निवासियों को शुक्रवार की नमाज की इजाजत दी है न कि चादरपोशी या कव्वाली जैसे कार्यक्रमों की. कहा कि अगर तेजोमहालय के अंदर कव्वाली ,चादरपोशी हुई या कोई भी धार्मिक कार्यक्रम हुआ तो भगवान शिव तांडव भी होगा. वाद संख्या 63/2024 के तहत आगरा न्यायालय में उर्स को रोकने के लिए मामला पहले से ही चल रहा है, जिसकी अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को तय है. प्रदर्शन के दौरान हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ बताते हुए पोस्टर चस्पा किए, जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. युवा मंडल अध्यक्ष विपिन राठौर और मंडल अध्यक्ष मनीष पंडित की अध्यक्षता में हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था सख्त

ताजमहल के अंदर तीन दिनों के लिए पर्यटकों के लिए प्रवेश फ्री किए जाने और उसी दौरान उर्स के आयोजन की खबरों के बीच आगरा प्रशासन ने ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है. ताजगंज और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. खुफिया तंत्र (Intelligence system) को एक्टिव कर दिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े. एएसआई के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की समीक्षा करने की बात कही है. वर्तमान में ताजमहल के इर्द-गिर्द माहौल संवेदनशील बना हुआ है. हिंदू महासभा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर नियमों के विरुद्ध आयोजन हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

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