भिवानी कोर्ट: 15 साल का इंतजार खत्म, अधिवक्ता चैंबर्स में लगी ऑटोमेटिक लिफ्ट

भिवानी जिला न्यायालय के ए-ब्लॉक में 16 लाख की लागत से लगी नई ऑटोमेटिक लिफ्ट। 452 चैंबर्स के वकीलों और बुजुर्ग वादियों को सीढ़ियों से मिली राहत। जानें पूरी क्षमता।

भिवानी। करीब डेढ़ दशक लंबे इंतजार के बाद जिला न्यायालय अधिवक्ता चैंबर्स परिसर में नई ऑटोमेटिक लिफ्ट शुरू हो गई है। जिला बार एसोसिएशन ने मद्रास की एक कंपनी से करीब 16 लाख रुपये की लागत से लिफ्ट स्थापित कराई है जिसके बाद इसे जल्द ही अधिवक्ताओं के लिए समर्पित किया जाएगा। फिलहाल इसकी तैयारियां चल रही हैं।

करीब 700 किलोग्राम भार उठाने की क्षमता वाली इस ऑटोमेटिक लिफ्ट में एक समय में आठ लोग सवार होकर आसानी से ऊपर-नीचे आ-जा सकेंगे। जिला न्यायालय परिसर के अधिवक्ता चैंबर्स के खंड ‘ए’ में यह लिफ्ट लगाई गई है। जिला बार एसोसिएशन ने मद्रास की कंपनी से लिफ्ट स्थापना के लिए अनुबंध किया था। करीब दो माह तक कंपनी ने पहले फाउंडेशन तैयार करने और फिर मशीन स्थापित करने का कार्य किया। इसके बाद लिफ्ट का सफल परीक्षण भी किया गया।

जिला न्यायालय परिसर में तीन खंडों में कुल 452 अधिवक्ता चैंबर्स बने हुए हैं। पहले अधिवक्ताओं और वादियों को प्रथम और द्वितीय तल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता था जिससे दिनभर कई बार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं। विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए यह कार्य काफी कठिन होता था लेकिन अब लिफ्ट लगने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

2004 में ए ब्लॉक में बने थे 222 अधिवक्ता चैंबर्स
जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए वर्ष 2004 में ए ब्लॉक का निर्माण हुआ था। इसमें शुरुआत में 222 अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स बनाए गए थे। इसके बाद बी ब्लॉक में 88 और सी ब्लॉक में 142 चैंबर्स बनाए गए। इस तरह तीनों ब्लॉकों में कुल 452 अधिवक्ता चैंबर्स हैं।

पिछले डेढ़ दशक से अधिवक्ताओं की लिफ्ट संचालन की प्रमुख मांग रही है। मैंने भी अपने चुनावी एजेंडे में इस मांग को शामिल किया था। मद्रास की कंपनी से नई लिफ्ट स्थापित कर दी है। जिसका परीक्षण भी सफल रहा है। मैंने अपना चुनावी वायदा पूरा कर अधिवक्ताओं के लिए नई लिफ्ट को समर्पित कर दिया है।

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