Panipat News: पानीपत में बंदरों का खूनी आतंक, 50 सेकंड में महिला को किया लहूलुहान
पानीपत की बाबरपुर मंडी में बंदरों का जानलेवा हमला। 55 वर्षीय महिला और बच्चे को बुरी तरह काटा। सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात। प्रशासन से बंदर पकड़ने की मांग।
पानीपत : पानीपत में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदरों के हमले इस कदर बढ़ गए हैं कि लोग अपने ही घरों और गलियों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। हाल ही में बंदरों ने एक 55 वर्षीय महिला पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बंदरों ने 50 सेकेंड के भीतर महिला को कमर, कंधे और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर काटा। महिला की चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग मदद के लिए दौड़े, बंदरों का झुंड उन्हें लहूलुहान कर चुका था। क्षेत्र में स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग जब भी घर से निकलते हैं तो लाठी-डंडे लेकर चलते हैं, ताकि इन बंदरों से अपनी रक्षा कर सकें। बंदरों द्वारा लोगों पर किए गए अटैक के सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आए हैं।
दरअसल रविवार सुबह पानीपत के बाबरपुर मंडी में बंदरों के झुंड ने निर्मल देवी (55) पर अटैक कर दिया। वह अपने घर से बाजार जा रहीं थी, तभी गली में ही अचानक तीन बंदरों ने उन पर हमला बोल दिया। बंदरों के अटैक की घटना CCTV में कैद हो जाती है। बंदर सीधे महिला के कंधे पर छलांग मारता है और मात्र 50 सेकेंड के भीतर कमर, कंधे और चेहरे पर बुरी तरह काटता है। उनकी पीठ और मुंह से खून तक निकलना शुरू हो जाता है। महिला दर्द से तड़पती दिखतीं है।
बुजुर्ग व्यक्ति ने बंदरों को भगाया
बंदरों के हमले के बाद महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगती हैं। चीखें सुनते ही पड़ोसी घरों से बाहर निकलते हैं। तभी एक बुजुर्ग और कुछ महिला बंदरों को भगाते हैं। बुजुर्ग हाथ में बैट लेकर आता है, जिससे बंदर भाग जाते हैं। बंदरों ने केवल बुजुर्ग महिला पर ही हमला नहीं किया। उसी दिन आटा मिल मालिक सुनील चुघ के बेटे अंश चुघ पर भी बंदरों ने हमला कर उसे घायल कर दिया। अंश के हाथ और पैर पर 2 बंदरों ने अटैक किया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इससे पहले फरवरी माह में भी एक महिला प्रीति पर भी इसी तरह का हमला हुआ था। जैसे ही वो घर से बाहर निकली बंदरों ने हमला कर दिया। महिला काफी दूर तक बंदरों से बचने के लिए भागती है, लेकिन बंदर उस पर हमला करने के लिए पीछा करते रहते हैं और उन्हें नीचे गिरा देते हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
इलाके में अब बंदर न केवल इंसानों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि घरों के आंगन में रखा सामान, सूखते कपड़े और खाने-पीने की चीजें भी उठाकर ले जा रहे हैं। बाबरपुर मंडी के निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से बंदरों को पकड़कर जंगल में छुड़वाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो बंदरों का यह आतंक किसी बड़ी अनहोनी या जानमाल के नुकसान का कारण बन सकता है।