Vrindavan Steamer Accident: वृंदावन यमुना हादसे में 11 की मौत, चश्मदीद ने बताई लापरवाही की पूरी कहानी

वृंदावन स्टीमर हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 6 अब भी लापता। लुधियाना के श्रद्धालुओं ने बताया पीपा पुल से टकराने का मंजर। लाइफ जैकेट न होने का भी लगा आरोप।

वृंदावन में शुक्रवार दोपहर यमुना नदी में हुए दर्दनाक स्टीमर हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. वहीं लापता श्रद्धालुओं की संख्या अब 5 से बढ़कर 6 हो गई है. घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम अस्पताल में चल रहा है.

हादसे के समय स्टीमर में मौजूद श्रद्धालु रोहित ने आंखों देखा मंजर बताया. रोहित ने बताया कि वह और अन्य श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से हर साल की तरह इस बार भी ब्रज दर्शन के लिए आए थे. यह यात्रा बांके बिहारी क्लब परिवार द्वारा हर वर्ष आयोजित की जाती है. इस बार भी दो बसों में करीब 30 श्रद्धालु शुक्रवार से रविवार तक वृंदावन, नंदगांव, बरसाना और गोवर्धन दर्शन के लिए पहुंचे थे.

रोहित ने बताया कैसे हुआ हादसा?

रोहित के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर सभी श्रद्धालु यमुना की सैर और देवरा बाबा मंदिर के दर्शन के लिए सिंगार घाट से स्टीमर में सवार हुए. स्टीमर टूटे हुए पीपा पुल के पास पहुंचा ही था कि श्रद्धालुओं ने वापस लौटने की बात कही. उन्होंने स्टीमर चालक से कहा कि आप देवरा बाबा ना जाकर हमें वापस ले चलो जैसे ही स्टीमर को वापस लेने की कोशिश की, वह यमुना में खड़ा हुआ पॉलटून पूल से टकरा गया.

टकराने के बाद स्टीमर में तकनीकी खराबी आ गई और वह असंतुलित हो गया. देखते ही देखते उसमें पानी भरने लगा और सवार लोग डूबने लगे. चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कई श्रद्धालुओं की जान बचाई, लेकिन हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि स्टीमर में कुछ खराबी थी, जिस कारण यह हादसा हुआ.

किसी को नहीं दी गई थी लाइफ जैकेट

रोहित ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की मदद देर से पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ गई. उन्होंने यह भी कहा कि स्टीमर संचालकों ने किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई थी, जिसके कारण लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे.

क्या ओवरलोड था स्टीमर?

उन्होंने कहा कि रही बात स्टीमर ओवरलोड कि जब स्टीमर इतनी दूर तक आ गया तो वह ओवरलोड कैसे हो सकता है. हमारी यही मांग है कि हमारे लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जाए और हम जैसे आए थे यहां से वैसे ही सभी लोगों के साथ वापस जाएंगे. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, गोताखोरों और पुलिस की टीमें लापता 6 श्रद्धालुओं की तलाश में जुटी हैं.

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