Bhiwani Civil Hospital: भिवानी नागरिक अस्पताल में लगेगा डेंटल इंप्लांट सेंटर, मरीजों को मिलेगी राहत

भिवानी जिला अस्पताल में दंत सुविधाओं का विस्तार: लगेंगी 3 नई डेंटल चेयर और शुरू होगा आधुनिक डेंटल इंप्लांट सेंटर। अब सरकारी अस्पताल में ही होगा दांतों का स्थायी इलाज।

भिवानी। चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल की दंत रोग ओपीडी में सुविधाओं का विस्तार करते हुए तीन नई डेंटल जांच चेयर लगाई जाएंगी और डेंटल इंप्लांट सेंटर भी शुरू किया जाएगा जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 मरीज अपने दांतों की जांच के लिए पहुंचते हैं।

वर्तमान में यहां पांच डेंटल चेयर लगी हुई हैं लेकिन इनमें से दो को कंडम घोषित किया जा चुका है जिसके चलते उनका उपयोग नहीं हो रहा। इस कारण चिकित्सकों को जांच करने में अधिक समय लगता है और ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लग जाती है।

यदि सभी चेयर सुचारू रूप से कार्य करें तो चिकित्सकों को जांच में सुविधा होगी और मरीजों को भी अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल तीन चेयर के चलते मरीजों की जांच व इलाज में अधिक समय लग रहा है। दांतों की सफाई में ही लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक का समय लगता है जिससे अन्य मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।

डेंटल इंप्लांट की सुविधा भी होगी शुरू : जिला नागरिक अस्पताल में दांतों से संबंधित मरीजों को राहत देने के लिए डेंटल इंप्लांट सेंटर भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही मरीजों को अस्पताल में ही यह सुविधा मिलने लगेगी। अस्पताल प्रभारी डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि डेंटल इंप्लांट सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अभी तक मरीजों को इंप्लांट के लिए बाहर जाना पड़ता है, जहां औसतन 50 से 70 हजार रुपये तक खर्च आता है जिसके कारण कई मरीज इलाज अधूरा छोड़ देते हैं। डेंटल इंप्लांट टूटे या गायब दांतों की जगह कृत्रिम दांत लगाने की एक आधुनिक और स्थायी प्रक्रिया है। इसमें टाइटेनियम से बने छोटे पेंच को शल्य चिकित्सा के माध्यम से जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है जो दांत की जड़ की तरह कार्य करता है।

इसके ऊपर कृत्रिम दांत (क्राउन) लगाया जाता है जो दिखने और चबाने में प्राकृतिक दांत जैसा होता है। यह प्रक्रिया लंबे समय तक टिकाऊ रहती है और मरीज की चबाने की क्षमता व मुस्कान दोनों को बेहतर बनाती है। इसके शुरू होने से जिले के दंत रोगियों को लाभ मिलेगा।
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