भागलपुर: भोलानाथ फ्लाईओवर निर्माण की धीमी चाल से जनता बेहाल, जलजमाव ने बढ़ाई मुसीबत
भागलपुर में भोलानाथ फ्लाईओवर का काम कछुआ गति से जारी। 100 मीटर की दूरी के लिए लोग 2 किमी चलने को मजबूर। रेलवे पुल के नीचे जलजमाव और गंदगी से बढ़ा बीमारियों का खतरा।
भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र में भोलानाथ फ्लाईओवर का धीमा निर्माण कार्य लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है. हालात यह है कि महज 100 मीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों को 2 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. वहीं जलजमाव और गंदगी ने आस-पास के लोगों के जीवन को और मुश्किल बना दिया है.
भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण पिछले करीब दो वर्षों से जारी है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार ने स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है. रेलवे पुल के नीचे नाले का गंदा पानी लगातार जमा हो रहा है, जिससे आसपास की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं. निर्माण के कारण रेलवे लाइन के पास से गुजरने वाले रास्ते पर 3 फीट तक पानी जमा है. वहीं भोलानाथ पुल के पास की सड़क और अधिक खराब हो गई है.
जान जोखिम में डालकर तय करते हैं सफर
स्थिति यह है कि मुंदचक, शीतला स्थान, मिरजानहाट सहित कई इलाकों के लोगों को रोजाना इसी पानी से होकर गुजरना पड़ता है. इसके अलावा शहर के हबीबपुर, कचहरी और तिलकामांझी, मायागंज और हुसैनाबाद के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. बाइक सवार सभी अपनी जान जोखिम में डालकर बदबूदार और गंदे पानी के बीच से रास्ता तय करने को मजबूर हैं.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां पहले कुछ ही दूरी में बाजार और अन्य जरूरी स्थान पहुंच जाते थे, अब वहां जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. इसके बावजूद राहत नहीं मिलती, क्योंकि वैकल्पिक रास्तों की स्थिति भी बेहद खराब है.
आए दिन दो रहे हादसे
जलजमाव के कारण इलाके में दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. लोगों को बीमारी फैलने का डर सता रहा है. वहीं, कीचड़ और पानी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं. हालात बेहद खराब हो गए हैं. सड़कें टूटी हुई हैं और नाले का पानी भरा हुआ है.