आगरा के नए DM होंगे मनीष कुमार बंसल, पत्नी मेधा रूपम हैं नोएडा की जिलाधिकारी

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: मनीष कुमार बंसल बने आगरा के नए डीएम। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र और 2014 बैच के आईएएस मनीष की पत्नी मेधा रूपम भी नोएडा की डीएम हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रविवार देर रात किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में ताजनगरी आगरा के जिलाधिकारी (DM) को भी बदल दिया गया है. 2011 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष कुमार बंसल आगरा के नए जिलाधिकारी होंगे. वहीं, आगरा के वर्तमान डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का तबादला लखनऊ कर दिया गया है, जहां वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे. आगरा की कमान संभालने जा रहे मनीष कुमार बंसल प्रशासनिक हलकों में एक अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं.

मनीष देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद हैं. खास बात यह है कि प्रशासनिक सेवा का यह अनुभव उनके घर में ही साझा होता है. मनीष बंसल की पत्नी मेधा रूपम भी एक IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा की जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं.

पंजाब के छोटे से शहर से IIT-UPSC तक का सफर

मनीष बंसल का जन्म 14 जनवरी 1990 को पंजाब के संगरूर छोटा सा शहर में हुआ. पिता अवतार राम बंसल बैंक के चीफ मैनेजर हैं, मां सुधा बंसल गृहिणी. स्कूल और इंटरमीडिएट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech + M.Tech इंटीग्रेटेड किया. इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद नौकरी की बजाय उन्होंने सिविल सर्विसेज चुनी. 2013 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 53 हासिल की और 2014 बैच में यूपी कैडर मिला.

जहां भी गए, वहां मिसाल कायम की

  • नदी पुनरुद्धार का मॉडल: 110 किलोमीटर तक सूख चुकी एक नदी, जो अतिक्रमण और गंदगी के कारण नाला बन गई थी, मनीष बंसल ने उसे जन-भागीदारी और सरकारी मशीनरी के समन्वय से पुनर्जीवित कर दिखाया. उनके इस ‘रिवर रेस्टोरेशन मॉडल’ की सराहना पीएमओ (PMO) और नीति आयोग तक ने की है.
  • सहारनपुर और शामली में उपलब्धियां: शामली और सहारनपुर के जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने न केवल लुप्तप्राय नदियों को जीवनदान दिया, बल्कि जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण और ‘टेक्नोलॉजी-आधारित प्रशासन’ के लिए भी अपनी पहचान बनाई.
  • प्रशासनिक छवि: उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की है जो जटिल समस्याओं को सुलझाने, तकनीक का बेहतरीन उपयोग करने और आम जनता के करीब रहने में विश्वास रखते हैं.
  • आगरा के लिए नई उम्मीद: आगरा पर्यटन, ताजमहल और राजनीतिक संवेदनशीलता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण जिला है. मनीष बंसल की कार्यकुशलता और सहारनपुर में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए यह उम्मीद है कि वे यहां भी विकास, स्मार्ट गवर्नेंस और जन-सुनवाई पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे.

कहां से की पढ़ाई?

वहीं, उनकी पत्नी मेधा रूपम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई की है. इतना ही नहीं उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2013 में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की थी. इसके बाद 2025 में उन्हें नोएडा की जिलाधिकारी पद दिया गया. इससे पहले वह मेरठ, बागपत जैसे जिलों में भी तैनात रही हैं.

अरविंद बंगारी का कार्यकाल

उधर, मूल रूप से कर्नाटक के गदग के रहने वाले अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 15 सितंबर 2024 को आगरा के डीएम का पदभार ग्रहण किया था. आगरा से उनका पुराना नाता रहा है, क्योंकि वे यहां पहले संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे. अब सरकार ने उन्हें शासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संबद्ध किया है.

UP में प्रशासनिक हेरफेर’: 15 जिलों के DM बदले

रविवार रात हुई इस बड़ी कार्रवाई में आगरा समेत कुल 15 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं. शासन ने कुल 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की है. इस फेरबदल में केवल जिलाधिकारी ही नहीं, बल्कि कई मंडलायुक्त, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को भी नई तैनाती दी गई है. झांसी और हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को बदला गया है.

कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को नए जिलों की कमान सौंपी गई है. सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें. आगरा के नए डीएम के रूप में मनीष बंसल के सामने शहर के विकास प्रोजेक्ट्स और आगामी चुनौतियों को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी होगी.

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