अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला: बोले- ‘नकली विरोध की शूटिंग करा रही भाजपा’

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को बताया 'छल-कपट का अंडरग्राउंड गैंग'। महिला आरक्षण विधेयक पर विरोध को बताया 'नकली शूटिंग'। PDA की एकता पर दिया बड़ा बयान।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद बीजेपी पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही है. मंगलवार को लखनऊ में विरोध प्रदर्शन होगा. उससे पहले अखिलेश यादव ने सोशल साइट एक्स पर अपने पोस्ट में बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपाई और उनके संगी-साथी साजिशों से बाज नहीं आएंगे. अब नकली विरोध की शूटिंग कराई जा रही है.

उन्होंने कहा कि इसमें शामिल युवक-युवतियों का हम कोई दोष नहीं मानते हैं, क्योंकि बेतहाशा बेरोजगारी के इस भाजपाई दौर में मजबूर होकर दो पैसों की उम्मीद में लोग कुछ भी करने को तैयार हैं. भाजपा पहले गरीबी-मजबूरी पैदा करती है फिर उन बेबस लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन्हें अपने गंदे इरादों के लिए इस्तेमाल करती है.

अखिलेश यादव ने कहा कि बंद कमरों में गुप्त योजना बनानेवाले ये भूमिगत लोग अपनी काली करतूतों के कारण दुनिया के काले इतिहास में काली स्याही से लिखे जाएंगे. ये छल, धोखे और कपट का अंडरग्राउंड गैंग है.

पराजय स्वीकार नहीं कर पा रही भाजपा

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के खिलाफ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा.

अखिलेश यादव ने लिखा कि भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है. भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है.

भाजपा पर लगाया साजिश रचने का आरोप

उन्होंने लिखा कि दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है. पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है.

अखिलेश यादव ने लिखा कि आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है. अब वो किस मुंह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे.

उन्होंने कहा कि पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी. भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए खत्म कर दे.

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