रूस ने बेचा 22 टन सोना: यूक्रेन युद्ध के बीच गहराया आर्थिक संकट, पुतिन का बड़ा कदम

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस का बड़ा फैसला! बजट घाटे को भरने के लिए 2026 में अब तक बेचा 22 टन सोना। ग्लोबल मार्केट में हलचल, जानें रूसी अर्थव्यवस्था पर इसका असर।

जंग के बीच आर्थिक दबाव कितना गहरा हो चुका है, इसका संकेत रूस के हालिया कदम से मिलता है. व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने 2026 में अब तक करीब 22 टन सोना बेच दिया है, ताकि बढ़ते बजट घाटे को संभाला जा सके. यूक्रेन युद्ध के पांचवें साल में पहुंचने के साथ ही रक्षा खर्च, ऊर्जा लागत और मुद्रा पर दबाव ने अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है. इस फैसले ने ग्लोबल गोल्ड मार्केट में हलचल पैदा कर दी है और निवेशकों के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

रूस की सेंट्रल बैंक ने 2026 में अब तक 21.8 टन सोना बेच दिया है, जो करीब 22,000 किलोग्राम के बराबर है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश का बजट घाटा मार्च के अंत तक 61.2 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. रूस का केंद्रीय बैंक के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 तक गोल्ड रिजर्व 2,304.76 टन पर आ गया, जिसमें सिर्फ मार्च में ही 6.22 टन की गिरावट दर्ज की गई.

यूक्रेन के साथ जारी युद्ध ने अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला है. एक तरफ सरकारी खर्च तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूबल पर दबाव और महंगाई ने हालात मुश्किल बना दिए हैं. इसी के बीच घरेलू स्तर पर सोने की मांग में जबरदस्त उछाल आया है. मॉस्को एक्सचेंज के डेटा के अनुसार मार्च में गोल्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम सालाना आधार पर 350% से ज्यादा बढ़कर 42.6 टन तक पहुंच गया. दिलचस्प बात यह है कि सोने की बिक्री के बावजूद इसकी कुल वैल्यू में इजाफा हुआ है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास बनी हुई हैं. जनवरी में कीमतें 5,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंचने के बाद रूस ने 3 लाख औंस सोना बेचा, जिससे करीब 1.4 से 1.68 अरब डॉलर जुटाए गए.

एक्सपर्ट का मानना है कि रूस अकेला ऐसा देश नहीं है. कई सेंट्रल बैंक बढ़ते खर्च खासकर रक्षा और ऊर्जा को पूरा करने के लिए सोना बेच रहे हैं. हालांकि, लंबी अवधि में रूस ने अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत ही किया है. 2002 से 2025 के बीच उसने 1,900 टन से ज्यादा सोना खरीदा था, लेकिन 2020 के बाद खरीदारी की रफ्तार काफी धीमी हो गई. इस बीच चीन के साथ रूस का गोल्ड ट्रेड भी बढ़ा है. चीन को कीमती धातुओं का निर्यात 2025 की पहली छमाही में करीब दोगुना हो गया. साथ ही, घरेलू स्तर पर भी लोगों ने अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ाया है. 2024 में रूसियों ने रिकॉर्ड 75.6 टन सोना खरीदा है.

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