Gurugram Encounter: फाजिलपुरिया के मैनेजर पर फायरिंग करने वाले शूटर से मुठभेड़, एक ढेर, सिपाही को लगी गोली
गुड़गांव के बंधवाड़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़। हथियार रिकवरी के दौरान शूटरों ने पुलिस पर की फायरिंग। एक शूटर ढेर, दूसरा घायल, सिपाही नवीन को लगी गोली।
गुड़गांव : गुड़गांव पुलिस को उस वक्त अपनी जान बचानी भारी पड़ गई जब बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया के मैनेजर के घर फायरिंग करने वाले दो शूटरों को पुलिस कस्टडी में हथियार रिकवरी के लिए गांव बंधवाड़ी ले गई। शूटरों को लेकर पुलिस हथियार फेंकने के स्थान पर पहुंची वैसे ही शूटरों ने हथियार ढूंढकर पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी और पुलिस कस्टडी से फरार होने का प्रयास किया। इस घटना में एक गोली सिपाही नवीन को लग गई। जवाबी कार्रवाई करते हुए गुड़गांव पुलिस ने दोनों शूटरों पर फायरिंग की तो एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक शूटर गुरशेर उर्फ शेरा के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जबकि जसपाल उर्फ बबल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक टीम व अपराध शाखा की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं।
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने पत्रकारवार्ता कर बताया कि दोनों ही बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने अदालत से रिमांड पर लिया हुआ था। आरोपियों से पूछताछ के बाद वारदात की निशानदेही कराने के बाद उनके द्वारा हथियार फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी में फेंकना बताए गए थे जिसके बाद पुलिस उन्हें हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर लेकर गई थी। यहां जैसे ही आरोपियों ने हथियार बरामद किए वैसे ही यह हथियार पुलिस को हैंडओवर करने की बजाय पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। इन बदमाशों की तरफ से करीब 10 राउंड फायरिंग की गई जिसमें से एक गोली सिपाही नवीन को लगी। गनीमत यह रही कि सिपाही नवीन की जान बच गई। वहीं, पुलिस की तरफ से जवाबी कार्रवाई करते हुए चार राउंड फायर किए गए जिसमें गुरशेर की मौत हो गई जबकि जसपाल घायल हो गया। इन दोनों आरोपियों को पंजाब के तरनतारण से गिरफ्तार किया था। मृतक गुरशेर पर पंजाब में संगीन अपराध के तहत एक केस दर्ज था जबकि आरोपी जसपाल उर्फ बबल पर भी पंजाब में केस दर्ज हैं।
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अपराध शाखा सेक्टर-40, सेक्टर-39 व सेक्टर-17 की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई की थी। इस मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। इन छह आरोपियों मे से यह दो मुख्य शूटर थे जिन्होंने सौरभ यादव के घर के बाहर फायरिंग की थी। यह दोनों शूटर दीपक नांदल गैंग से जुड़े हुए थे। प्रारंभिक तौर पर पूछताछ में सामने आया था कि यह राहुल फाजिलपुरिया के मैनेजर सौरभ यादव की हत्या करने के लिए गुड़गांव आए थे। यहां पुलिस द्वारा पहले पकड़े गए आरोपियों ने उन्हें सौरभ का मकान दिखाया था तथा वारदात को अंजाम देने के लिए वाहन, हथियार व अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई थी। जब वह यहां पहुंचे और फायरिंग की तो घर के अंदर से कुछ लोग बाहर आए। इस पर उन्होंने फायर की तो सौरभ यादव की सुरक्षा में तैनात सिपाही कुलबीर को गोली लग गई थी जिसके बाद यह आरोपी फरार हो गए थे।
इस घटना में घायल सिपाही को मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से पूरे घटनाक्रम की निशानदेही कराई गई और उनके द्वारा वारदात में प्रयुक्त हथियार व वाहन की रिकवरी के लिए ले जाया गया तो आरोपी गुरशेर व जयपाल ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और दोनों बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई और इस मुठभेड़ में आरोपी गुरशेर उर्फ शेरा मारा गया जबकि जसपाल उर्फ बबल घायल है।