AMU News: ‘तेरे हिस्से के मच्छर मुझे काट रहे…’, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मच्छरदानी को लेकर छात्रों में मारपीट

AMU के एसएस नॉर्थ हॉल में मच्छरदानी पर संग्राम! छात्र ने रूममेट पर लगाया 'मच्छर अपनी ओर मोड़ने' और 'कूलर की हवा रोकने' का आरोप। प्रोक्टर ऑफिस पहुंची शिकायत।

‘तेरे हिस्से के मच्छर मुझे काटते हैं…’ एक छात्र की ओर से मच्छरदानी लगाने पर दूसरे छात्र ने उस पर यह आरोप लगाया. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एसएस नॉर्थ हॉल में मच्छरदानी को लेकर विवाद में दो छात्रों के बीच मारपीट हो गई. बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रोक्टर ऑफिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. मामले में प्रॉक्टर कार्यालय जांच कर रहा है.

हॉस्टल के एक कमरे में रहने वाले दो छात्रों के बीच विवाद हुआ था. इनमें से एक छात्र कश्मीर का रहने वाला है, जबकि दूसरा छात्र उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आया है. कश्मीरी छात्र ने गर्मी और मच्छरों से बचने के लिए अपने बिस्तर पर मच्छरदानी लगा ली थी. शुरुआत में यह सामान्य बात लग रही थी, लेकिन उसके रूममेट को इससे परेशानी होने लगी.

मच्छरदानी को लेकर संग्राम

दूसरे छात्र का आरोप था कि मच्छरदानी लगाने की वजह से कमरे के सारे मच्छर उसकी तरफ आने लगे और उसे ज्यादा काटने लगे. उसने यह भी शिकायत की कि मच्छरदानी की वजह से कमरे में लगे कूलर की हवा ठीक से नहीं आ रही थी. इसी बात को लेकर दोनों छात्रों के बीच पहले बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया.

घटना के बाद दोनों छात्र प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर नावेद अली खान ने बताया कि यह घटना एसएस नॉर्थ हॉल की है, जहां अलग-अलग वर्ष के छात्र एक ही कमरे में रह रहे थे. उन्होंने कहा कि दोनों छात्र ग्रेजुएशन के सेकंड और थर्ड ईयर के हैं.

‘मच्छरदानी के कारण कूलर की हवा रुक रही’

प्रोफेसर नावेद अली खान के मुताबिक, एक छात्र की शिकायत थी कि उसका रूममेट मच्छरदानी लगाता है, जिससे कमरे के मच्छर उसकी तरफ आ जाते हैं और उसे ज्यादा परेशान करते हैं. वहीं दूसरी शिकायत यह थी कि मच्छरदानी के कारण कूलर की हवा रुक रही थी. इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया.

प्रॉक्टर ने कहा कि छात्रों के बीच इस तरह की छोटी-छोटी बातों पर विवाद होना अच्छी बात नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों छात्रों को बुलाकर समझाने और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जांच में किसी छात्र द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने या हिंसा करने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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