Sonia Gandhi Health Update: मेदांता अस्पताल में भर्ती हुईं सोनिया गांधी; 4 घंटे बाद मिली छुट्टी, राहुल-प्रियंका भी थे साथ
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। रूटीन चेकअप के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। जानें उनकी सेहत का ताजा अपडेट।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को बुधवार (13 मई) सुबह गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया था. उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया था. जहां डॉक्टरों ने उनका चेकअप किया. बताया जा रहा है कि करीब चार घंटे तक अस्पताल में रहने के बाद डॉक्टरों ने गांधी को अस्पताल से छुट्टी दे दी. जिसके बाद वो वापस दिल्ली लौट गईं. इस दौरान उनके साथ बेटे राहुल और बेटी प्रियंका भी साथ थीं.
इसी साल 24 मार्च को भी सोनिया गांधी को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्हें पेट में इ्न्फेंक्शन से जूड़ी समस्या बताई गई थी, जिसके बाद वो अस्पताल गईं थीं. मार्च से पहले वो जनवरी में भी अस्पताल में एडमिट हुईं थी. जनवरी में उन्हें सांस लेने की दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जनवरी से अब तक ये तीसरा मौका है जब उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा है.
चेकअप के बाद वापस दिल्ली लौटीं सोनिया
पिछले काफी समय से सोनिया गांधी की तबीयत नासाज बनी रहती है. उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं,फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं और सांस से जुड़ी दिक्कत रहती हैं सर गंगा राम अस्पताल, शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चलता है.आज डॉक्टर से चेकअप के बाद वापस दिल्ली लौट गईं.
मशहूर राजनीतिक हस्तियों में शुमार
सोनिया गांधी की मशहूर राजनीतिक हस्तियों में शुमार हैं. 79 साल की सोनिया फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा की सांसद हैं. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद भी वो पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हैं. कांग्रेस को ऊंचाई तक पहुंचाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
1998 में कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला
1998 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला और लगातार 22 सालों तक पार्टी का नेतृत्व किया जिससे वे पार्टी के इतिहास में सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली महिला बन गईं. बाद में वो 2019 में फिर से इस पद पर लौटीं और तीन और वर्षों तक अध्यक्ष पद पर में बनी रहीं. राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी कई सालों तक राजनीति से दूर रहीं, लेकिन पार्टी नेताओं के बार-बार कहने पर उन्होंने 1997 में राजनीति में कदम रखा और पार्टी को संभाला.