Palwal Crime: पलवल में व्यापारी पर हथौड़े से हमला करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, मंत्री के नाम पर पुलिस का खंडन

पलवल में सोशल मीडिया विवाद के बाद सिकंदर डागर पर हथौड़े से हमला करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार। डीएसपी अनिल कुमार ने खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के नाम पर दिया स्पष्टीकरण।

पलवल : पलवल शहर में गत 19 मई को एक युवक पर हुए हथौड़े, डंडो इत्यादि से हमला करने के मामले में सीआईए टीम इंचार्ज रविन्द्र कुमार की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए संलिप्त 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु रिमांड पर लेगी। यह जानकारी डीएसपी क्राइम अनिल कुमार ने प्रेस वार्ता के माध्यम से दी।

डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि बसंत विहार कॉलोनी निवासी 33 वर्षीय सिकंदर डागर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी डागर ट्रेलर्स के नाम से बस अड्डा के पास दुकान है और 19 मई मंगलवार को सुबह करीब पौने आठ बजे वह अपनी गाड़ी से दुकान जा रहा था। रेलवे फाटक के पास एक स्विफ्ट कार ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। कार से 3-4 युवक उतरे, जिनके मुंह कपड़े से ढके हुए थे। इसी दौरान नीले रंग की यामाहा स्कूटी पर सवार दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए।

पीड़ित के अनुसार हमलावरों के हाथों में हथौड़े, डंडे और एक के पास देसी कट्टा था। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उसे गाड़ी से बाहर खींचकर बेरहमी से पीटा। एक युवक ने उसके सिर पर हथौड़ा मारने का प्रयास किया, लेकिन उसने हाथ अड़ाकर वार रोक लिया। हमलावरों ने जाते समय धमकी दी कि यदि भविष्य में कोई वीडियो सोशल मीडिया पर डाली तो उसे और उसके परिवार को जान से मार देंगे।

पीड़ित ने बताया कि स्कूटी बंटी और प्रवीण की थी, वहीं कार में अज्ञात लोग सवार थे। आगे जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो और पीड़ित की शिकायत पर कैंप थाना पलवल में मुकदमा दर्ज कर जिला पुलिस कप्तान ने तीन टीमों का गठन किया था जिसमें सीआईए इंचार्ज रविन्द्र कुमार की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जिनकी पहचान प्रवीण शर्मा निवासी कृष्णा कॉलोनी पलवल, बलराम डागर जोधपुर, हरदेव नेहरा जोधपुर एवं देवेंद्र उर्फ देवा निवासी कृष्णा कॉलोनी पलवल के रूप में हुई हैं।

डीएसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि इस मामले में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम का नाम लिया जा रहा था जिसका कोई औचित्य नहीं आरोपियों और पीड़ित के बीच सोशल मीडिया पर कमेंट करने को लेकर कहासुनी हुई थी जिसके बाद वह लगातार बढ़ती चली गई और उसके बाद आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी एवं वारदात में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी हेतु रिमांड पर लिया जाएगा।

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