यमुना प्राधिकरण: 5100 किसानों को जल्द मिलेंगे आबादी भूखंड आवंटन पत्र
यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) 5100 किसानों को मुख्यमंत्री के हाथों आबादी भूखंड के आवंटन पत्र दिलाने की तैयारी में है। जानें किन गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ।
यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए जमीन देने वाले किसानों को मुख्यमंत्री के हाथों 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के आवंटन पत्र दिलाने की तैयारियों में जुटा है। इसके लिए 5100 किसानों को भूखंड देने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि भूलेख विभाग की तरफ से 31 गांवों में करीब 11,211 किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड दिए जाने के लिए प्रकाशन किया जा चुका है। इनमें से 7,035 किसानों को आरक्षण पत्र भी दिए जा चुके हैं, जबकि 4176 भूखंडों को विभिन्न सेक्टरों में नियोजित किया जा चुका है। इनमें अट्टा गुजरान, गुनपुरा, मथुरापुर, मूंजखेड़ा, औरंगपुर, बेला कलां, सलारपुर, फतेहपुर अट्टा के किसानों के 7 प्रतिशत भूखंड सेक्टर-25 में भूखंड विकसित हो चुके।
सेक्टर-17 में धनौरी और सेक्टर-22डी के खेरली भाव गांव के किसानों के भूखंड भी विकसित हो चुके हैं, जबकि अन्य 20 से अधिक गांवों में अभी भूखंड अविकसित है। विगत माह आठ जून को प्राधिकरण की 90वीं बोर्ड बैठक में भी प्राधिकरण ने आबादी भूखंड से संबंधित प्रस्ताव अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के समक्ष रखा था, जिसमें रबुपूरा, तिरथली, मुरादगढ़ी, कुरैब, दनकौर, म्याना, मकसूदपुर, थोरा, मिर्जापुर, मौहम्मदाबाद खेडा, उटरावली में भूखंड के आवंटन के लिए 4176 किसानों की सूची के प्रकाशन से अवगत कराया गया था।
किसान आबादी भूखंड के लिए लंबे समय से मांग करते आ रहे : क्षेत्र के किसान आबादी भूखंड के लिए लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन भूमि विवाद समेत अन्य कारणों के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में है। वहीं, जिन किसानों को आरक्षण पत्र भी मिल चुके हैं, उन्हें भी भूखंड पर कब्जा नहीं मिला है। यहां तक कि भूखंड पर कब्जा देने के नाम पर प्राधिकरण कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने तक के आरोप भी लग चुके हैं।
प्राधिकरण की ओर से समय मांगा गया
क्षेत्र के करीब 5100 किसानों को मुख्यमंत्री के हाथों आवंटन पत्र दिलाने की तैयारी है। इसके लिए यीडा की ओर से मुख्यमंत्री से समय मांगा हैं। समय निर्धारित होने के बाद ही यह कार्य पूरा होगा। अफसरों के मुताबिक, इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जा चुका। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक कोई जवाब नहीं आया। वहीं, अफसरों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में अब औद्योगिक के साथ ही आवासीय गतिविधि भी तेज हो सकेगी। साथ ही क्षेत्र में बसावट तेज हो सकेगी।
आरके सिंह, सीईओ, यीडा, ”क्षेत्र में एक साथ 5100 किसानों को आबादी भूखंड के आवंटन की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया है। इस कदम से क्षेत्र में बसावट तेज होगी।”