नोएडा: ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लूट करने वाला गिरोह गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर हनीट्रैप और लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। 3 महिलाओं और 2 पुरुषों समेत 6 गिरफ्तार। जानें कैसे फंसाते थे जाल में।
नोएडा के सेक्टर-24 थाने की पुलिस ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब बनाकर लोगों को लूटने वाले गिरोह का शनिवार को पर्दाफाश हो गया। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के साथ उनका नाबालिग साथी भी पकड़ा गया है। आरोपी हनीट्रैप में फंसाने के बाद वारदात करते थे। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सेक्टर-54 के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों में फिरोजाबाद निवासी ओमवीर यादव, मैनपुरी निवासी मंजेश यादव, औरैया निवासी निधि यादव, फिरोजाबाद निवासी प्रियंका यादव, मैनपुरी निवासी काजल उर्फ रिया यादव शामिल हैं। एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट, ऑरा कार और एक चाकू बरामद किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब बना रखा था। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों के मोबाइल नंबर हासिल कर उनसे दोस्ती की जाती। बातचीत के दौरान भरोसा जीतने के बाद ग्राहक को मिलने के लिए दिल्ली, नोएडा या एनसीआर के सुनसान स्थानों पर बुलाया जाता। गिरोह के सदस्य दो कारों में मौके पर पहुंचते। पहली कार में महिला और दो-तीन साथी रहते, जबकि दूसरी कार कुछ दूरी पर खड़ी रहती। महिला अपनी कार में ग्राहक को बैठाकर बातचीत के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाती। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य वहां पहुंचकर पीड़ित से मारपीट कर नगदी, मोबाइल, गाड़ी और अन्य कीमती सामान लूट लेते।
वे लूट के बाद पीड़ित का मोबाइल अपने कब्जे में ले लेते। मारपीट और धमकी देकर मोबाइल का लॉक खुलवाते। इसके बाद वे यूपीआई और नेट बैंकिंग के जरिए पीड़ित के बैंक खाते से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते। मोबाइल, और वाहन छीनकर फरार हो जाते।
सेक्टर-54 में लूटी थी महंगी कार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ओमवीर यादव ने खुलासा किया कि गिरोह ने 30 जून की रात सेक्टर-54 स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति को उसकी ही फॉर्च्यूनर कार में बैठकर दोस्ती का नाटक किया गया। फिर मारपीट कर यूपीआई के जरिए उसके खाते से करीब 1.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गए। आरोपियों की कारें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। आरोपियों की उम्र 19 से 27 साल के बीच है। वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट और ऑरा कार भी जब्त कर ली गई हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी करने का दावा कर रही है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-54 में वारदात के समय स्विफ्ट कार में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव और अन्य साथी मौजूद थे, जबकि ऑरा कार में जीतू यादव, ऋषु यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया यादव और अन्य सदस्य कुछ दूरी पर खड़े रहकर निगरानी कर रहे थे। वारदात को अंजाम देकर दोनों कारें अलग-अलग रास्तों से गईं, ताकि पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों का पता न चल सके। आरोपियों के साथियों की तलाश हो रही है।