गाजियाबाद: मधुबन बापूधाम में बनेगी रामायण थीम ‘पंचवटी वाटिका’, जानें खासियत

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में जल्द विकसित होगी रामायण कालीन 'पंचवटी वाटिका'। औषधीय पौधे, थीम आधारित झूले और सांस्कृतिक धरोहर की झलक। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में मॉनसून के दौरान पंचवटी वाटिका विकसित होगी। इसे रामायण काल की पंचवटी वाटिका थीम पर तैयार की जाएगी। साथ ही फलदार, औषधीय समेत प्रदूषण कम करने वाले पेड़-पौधे लगेंगे।

मधुबन बापूधाम योजना तेजी से विकसित हो रही है। जीडीए इस योजना में कई महत्वपूर्ण और आकर्षक परियोजना ला रहा है। इसी योजना में प्राधिकरण का नया कार्यालय भी निर्माणाधीन है। साथ ही कर्मचारियों को सरकारी आवास भी इसी योजना में दिए गए हैं।

बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर भी बन रहा है। साथ ही व्यावसायिक क्षेत्र के हिसाब से भी इस योजना के पॉकेटों को विकसित किया जा रहा है। ऐसे में अब प्राधिकरण इस योजना के पार्कों को विभिन्न थीमों पर विकसित करने में जुटा है।

मानसून के दौरान प्राधिकरण यहां करीब 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले पार्क को पंचवटी वाटिका के रूप में विकसित करेगा। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि इस पार्क को रामायण काल की पंचवटी की तर्ज पर विकसित होगा, जिसमें रामायण काल की जानकारी भी दी जाएगी।

यहां के झूले व दीवारों तक पर रामायण काल के पात्र नजर आएंगे। साथ ही उस दौर की पंचवटी की तरह हरियालीयुक्त तैयार किया जाएगा। यहां विभिन्न तरह के फलदार पौधे लगेंगे। साथ ही औषधीय पौधे भी लगाने की योजना है। प्रदूषण कम करने वाले पेड़ विशेष रूप से लगाएं जाएंगे। इस पार्क को विकसित करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया था, जिसके बाद एजेंसी तय की गई है।

हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं

इन वाटिका को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां सुबह शाम हर उम्र के लोग आ सके। घूमने के लिए यहां ट्रैक बनाया जाएगा। वहीं, हरियाली के साथ पार्क में बच्चों को ध्यान में रखते हुए रामायण काल की आकृतियों के डिजाइन वाले झूले भी लगेंगे, जिस पर बच्चे झूलने का आनंद उठाएंगे।

लैंड स्केप और आकर्षक पत्थर लगेंगे

पार्कों में विभिन्न तरह की लैंड स्केप बनाई जाएंगी। साथ ही विभिन्न आकृति के आकर्षक पत्थर लगेंगे। पत्थर सांस्कृतिक धरोहर को बयां करने वाले होंगे। साथ ही यहां छोटे छोटे स्ट्रेक्चर भी लगाए जाएंगे, जो विभिन्न तरह का संदेश देंगे। साथ ही पार्कों में पेड़ों की आकृतियां भी बनाकर लगाई जाएंगी, ताकि लोगों को यह आकर्षित कर सके।

नंद किशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए, ”मधुबन बापूधाम को तेजी से विकसित किया जा रहा है। क्षेत्र के पार्कों को थीम पर विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पंचवटी वाटिका मॉनसून के दौरान विकसित करने की योजना है।”

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