फरीदाबाद: यमुना पर बनेगा पोंटून पुल, UP-हरियाणा का सफर होगा आसान

फरीदाबाद के अरूवा गांव के पास यमुना पर बनेगा अस्थायी पोंटून पुल। UP-हरियाणा के बीच आवागमन में मिलेगी राहत, हजारों ग्रामीणों और किसानों को होगा सीधा लाभ।

फरीदाबाद में यमुना से सटे फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के गांवों के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से अरूवा गांव के पास यमुना नदी पर पोंटून (अस्थायी) पुल बनाया जाएगा। इस पुल के बनने से जहां दोनों राज्यों के बीच की दूरी कम होगी। वहीं रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों की यात्रा सुगम होगी। योजना पर अगले महीने से काम शुरू होने की उम्मीद है। इस काम को दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना पर करीब 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

पोंटून पूल से बचेगा समय और पैसे

यहां यमुना नदी पर कोई स्थायी या अस्थायी पुल नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश के यमुना किनारे बसे ग्रेटर नोएडा के गांवों के लोगों को फरीदाबाद आने-जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय, ईंधन और किराये का खर्च बढ़ जाता है, जिस कारण किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। पोंटून पुल बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। स्थानीय लोग लंबे समय से यमुना पर अस्थायी पुल बनाने की मांग कर रहे थे। विशेष रूप से किसानों को पुल बनने से कृषि गतिविधियों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक संबंध होंगे मजबूत

पोंटून पुल लोहे के फ्लोटिंग ढांचों पर बनाया जाता है, जिसे नदी के जलस्तर और मौसम के अनुसार संचालित किया जाता है। मॉनसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर आवश्यकतानुसार इसे हटाया भी जा सकता है। विभाग का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि पुल बनने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक संबंध भी मजबूत होंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही उनकी मांग अब पूरी होने जा रही है और जल्द ही उन्हें बेहतर संपर्क सुविधा का लाभ मिलेगा।

प्रकाशलाल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी, ”योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित समय में लोगों के लिए शुरू कर दिया जाए, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों लोगों को इसका लाभ मिल सके।”

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