चेयरपर्सन ज्योति लूणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, भट्टू पंचायत समिति में सियासी उथल-पुथल
भट्टू पंचायत समिति में चेयरपर्सन ज्योति लूणा के खिलाफ 17 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की मांग की.
फतेहाबाद: फतेहाबाद जिले की भट्टू पंचायत समिति में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा को पद से हटाने के लिए समिति सदस्य दोबारा लामबंद हो गए हैं. मंगलवार को पंचायत समिति के 21 में से 17 सदस्य फतेहाबाद के लघु सचिवालय पहुंचे और एडीसी अनुराग ढालिया से मुलाकात कर चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की मांग की. सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे बहुमत में हैं और नियमानुसार बैठक बुलाना उनका अधिकार है.
वाइस चेयरमैन बंसीलाल ने की अगुवाई: इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन बंसीलाल करते नजर आए, जिन्हें पूर्व विधायक दुड़ाराम का समर्थक माना जाता है. बंसीलाल के नेतृत्व में पहुंचे सदस्यों ने प्रशासन के समक्ष चेयरपर्सन पर विश्वास खोने का हवाला दिया और जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित करने की मांग रखी.
विधानसभा चुनाव से जुड़ा है विवाद का मूल: दरअसल, यह पूरा विवाद विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था. चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने उस समय भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे दुड़ाराम का विरोध किया था. यही कारण बताया जा रहा है कि दुड़ाराम समर्थक लगातार ज्योति लूणा को पद से हटाने के प्रयास में लगे हुए हैं. इसी बीच ज्योति लूणा ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था, जिससे सियासी टकराव और गहरा गया.
पहले भी बच चुकी है कुर्सी: इससे पहले 31 दिसंबर 2024 को भी चेयरपर्सन ज्योति लूणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस समय वह अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही थीं. नियमों के तहत एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद एक वर्ष तक दोबारा प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता, लेकिन अब समय सीमा पूरी होने के बाद फिर से प्रयास शुरू हो गए हैं.
इन सदस्यों ने दी अविश्वास की मांग: अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने वालों में वाइस चेयरमैन बंसीलाल के अलावा सदस्य अनु सरबटा, कविता, विनोद गुज्जर, प्रवीन गोदारा, प्रवीन तरड़, राजेश धतरवाल, राजेश शर्मा, नरेश राड़, गोविंद भादू, सुनीता दैयड़, बिस्पति देवी, सुरेश कला, उर्मिला सिंवर, सतीश कुमार, विजेंद्र सिंह और मनीता रानी शामिल हैं. अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.