अमेरिका-ईरान तनाव: US का ईरान पर तीसरा हमला, होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद
अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव! US रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट किया बंद। जानें क्यों कंटेनर जहाज पर हमले के बाद भड़का अमेरिका।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने गलत फैसला किया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उनका यह बयान तब आया, जब अमेरिका ने इस हफ्ते तीसरी बार ईरान पर हमला किया. हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का बयान साझा करते हुए लिखा, ईरान ने बहुत खराब फैसला किया. अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.
ईरान ने क्या कहा?
अमेरिकी हमले से कुछ समय पहले ईरान की IRGC नौसेना ने दावा किया कि उसने एक कंटेनर जहाज को रोककर उस पर हमला किया. ईरान का कहना है कि यह जहाज बिना अनुमति तय समुद्री रास्ते से हटकर निकलने की कोशिश कर रहा था. कई बार चेतावनी देने के बाद भी जहाज नहीं रुका, इसलिए कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हालात बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं.
अमेरिका का क्या कहना है?
CENTCOM ने कहा कि ईरान को पहले भी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पालन करने का मौका दिया गया था. इसके बावजूद उसने फिर से व्यापारिक जहाजों पर हमला किया. अमेरिकी सेना ने कहा कि इसके जवाब में वह ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को लगातार निशाना बना रही है, जिनका इस्तेमाल नागरिक नाविकों और मालवाहक जहाजों पर हमला करने के लिए किया जाता है.
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
अमेरिकी हमलों के कुछ ही देर बाद ईरान ने ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक फिर से बंद किया जा रहा है. ईरान का कहना है कि उसकी चेतावनी के दौरान चलाई गई एक गोली एक ऐसे जहाज को लगी, जो बिना अनुमति समुद्री रास्ते से गुजर रहा था. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के जरिए कहा कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में दखल देना बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा और किसी भी जहाज को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उस पर आगे भी हमले हुए, तो वह इस क्षेत्र में मौजूद दुश्मन देशों के दूसरे सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है. वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिकी हमले शुरू होने के बाद बंदर अब्बास और सीरिक जैसे तटीय शहरों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं.