CPWD स्थापना दिवस: मंत्री मनोहर लाल का ‘संकल्प’ मंत्र, नई तकनीक पर जोर
CPWD के 172वें स्थापना दिवस पर मंत्री मनोहर लाल ने 'संकल्प' मंत्र दिया। विभाग को तकनीक आधारित बनाने और विकसित भारत में भूमिका पर दिया विशेष जोर।
चंडीगढ़ : केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के 172वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने विभाग को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने का आह्वान करते हुए ‘संकल्प’ मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सीपीडब्ल्यूडी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए विभाग को गति, सुगमता, नेकनीयत, कर्तव्यनिष्ठा, तकनीक को अपनाना, लोकहित और पारदर्शिता को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक अवसंरचना विकास में पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों, डिजिटल परिवर्तन, आधुनिक इंजीनियरिंग और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी ने पिछले 172 वर्षों में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अब इसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सक्षम तथा तकनीक आधारित संस्था बनना होगा।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में कई नई पहल शुरू
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभाग की कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रकाशनों, वार्षिक पत्रिका ‘निर्माण भारती’ तथा नव विकसित ई-निर्मित (e-NIRMIT) ईआरपी मॉड्यूल का लोकार्पण किया। इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य परियोजना प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
इसके साथ ही उन्होंने “इंडियाज अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन: रिफ्लेक्शंस फ्रॉम पॉलिसी एंड प्रैक्टिस” तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की कॉफी टेबल बुक “इंडियाज अर्बन मोमेंटम: टुवर्ड्स मेकिंग आवर सिटीज लिवेबल” का भी विमोचन किया, जिनमें भारत के शहरी विकास और सतत विकास की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख है।
उत्कृष्ट अधिकारियों और परियोजनाओं का हुआ सम्मान
समारोह में केंद्रीय मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और परियोजना टीमों को डायरेक्टर जनरल मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मेरिट प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। विभाग की सर्वश्रेष्ठ पूर्ण परियोजनाओं को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। क्षमता विकास कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। समारोह के दौरान विभाग की उपलब्धियों, प्रतिष्ठित परियोजनाओं, आधुनिक निर्माण तकनीकों और ई-निर्मित प्रणाली पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
हरित निर्माण और तकनीकी नवाचार पर दिया विशेष जोर
मनोहर लाल ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में ग्रीन बिल्डिंग, सतत निर्माण, आधुनिक तकनीकों, डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी ऑनलाइन ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रणाली को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संस्थागत सुधारों को निरंतर जारी रखते हुए CPWD को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।
CPWD को राष्ट्रीय तकनीकी संस्था के रूप में और मजबूत बनाने पर बल
समारोह में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कातिकिथला ने कहा कि CPWD देशभर में गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण में अग्रणी संस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि सार्वजनिक निर्माण क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार, मानकीकरण और ज्ञान साझा करने के लिए राष्ट्रीय लोक निर्माण परिषद (National Council for Public Works) का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे केंद्र और राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और पेशेवर संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा देश में सार्वजनिक अवसंरचना विकास की गुणवत्ता और दक्षता में वृद्धि होगी।
आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बढ़ेगी कार्यक्षमता
CPWD के महानिदेशक सतिंदर पाल सिंह ने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षमता निर्माण और कौशल विकास विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी अकादमी तथा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से अधिकारियों और इंजीनियरों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM), डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, उन्नत निर्माण सामग्री, ऑटोमेशन और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाकर परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है।
तकनीकी सत्र में उभरती निर्माण तकनीकों पर चर्चा
स्थापना दिवस से एक दिन पूर्व 11 जुलाई को विज्ञान भवन में आयोजित तकनीकी सत्र में आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर के. वी. एल. सुब्रमण्यम ने निर्माण क्षेत्र में उभरती तकनीकों, नवाचार और सतत विकास पर व्याख्यान दिया। इसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मेलन में विभागीय सुधारों, क्षमता निर्माण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्र निर्माण के प्रति दोहराई प्रतिबद्धता
172वें स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से सीपीडब्ल्यूडी ने इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, नवाचार, सतत विकास, क्षमता निर्माण और विश्वस्तरीय सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘संकल्प ‘ मंत्र के साथ सीपीडब्ल्यूडी विकसित भारत के निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा।