भिवानी: कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लाइन में हुई मॉक ड्रिल

भिवानी पुलिस लाइन में एसपी सुमित कुमार के निर्देश पर दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल आयोजित की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल ने किया कड़ा अभ्यास।

भिवानी। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन भिवानी में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में दंगा नियंत्रण कंपनियों ने अभ्यास किया।

एसपी ने स्वयं मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के एंटी रायट उपकरणों एवं शस्त्रों की जांच की तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। दिल्ली और हरियाणा में नीट पेपर लीक तथा किसान संगठनों के ट्रेड डील के विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां और मजबूत की हैं।

इसी उद्देश्य से आयोजित मॉक ड्रिल में पुलिस और महिला पुलिस बल की टुकड़ियों ने भाग लिया। पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि जिले में किसी भी अप्रिय घटना या कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सके। अभ्यास के दौरान एंटी रायट उपकरणों और शस्त्रों के साथ पुलिस जवानों को दंगा नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने दंगा नियंत्रण कंपनी की सभी प्लाटूनों की ड्रिल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने, संतुलित खान-पान अपनाने और नियमित व्यायाम करने के लिए भी प्रेरित किया।

मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दंगा नियंत्रण उपकरणों की जांच करते हुए जवानों को हर परिस्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारियों को अपने उपकरणों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। प्रशिक्षण में निरीक्षक से लेकर सिपाही स्तर तक के पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण, दंगे जैसी परिस्थितियों पर प्रभावी ढंग से काबू पाने तथा आवश्यकता पड़ने पर टियर गैस, कैन-शील्ड और लाठी के समुचित प्रयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

साथ ही असामाजिक तत्वों द्वारा कानून व्यवस्था भंग करने की स्थिति में विधिसम्मत और न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग करते हुए प्रभावी कार्रवाई करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए किया प्रशिक्षित
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा कि जिला पुलिस द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं जिससे पुलिस बल की कार्यकुशलता, समन्वय और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखते समय आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार किया जाए जबकि असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाए। यदि कहीं भीड़ उग्र अथवा अनियंत्रित हो जाए तो प्राथमिकता के आधार पर मनोवैज्ञानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण के दौरान अनुशासन बनाए रखें, किसी प्रकार की अनुचित टिप्पणी से बचें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करें।
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