बोर्डो शहर के करीब पहुंची खतरनाक आग, फ्रांस और स्पेन में ढाई लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर
फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग से मचा कोहराम। बोर्डो शहर के करीब पहुंची आग, 55 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर। जानें ताजा हालात।
अमेरिका में जहां कई राज्य भीषण गर्मी से त्रस्त हैं तो वहीं फ्रांस अपने यहां लगी आग से परेशान हैं. दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में लगी भीषण आग की वजह से कल रविवार रात 55 हजार से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. इस तरह सिर्फ एक इलाके में घर छोड़ने वालों की कुल संख्या ढाई लाख के करीब पहुंच गई है, क्योंकि आग की लपटें वाइन के लिए मशहूर शहर बोर्डो के और करीब पहुंच रही थीं. फ्रांस ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश स्पेन ने भी अपने पूर्वी तट पर आग की वजह से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया है.
तेज और बदलती हवाओं के साथ-साथ सूखे मौसम ने उस भयानक आग को फैलने से रोकने की कोशिशों को बेहद मुश्किल बना दिया, जो कई दिनों से फ्रांस के गिरोंडे इलाके (जहां बोर्डो शहर है) में बेकाबू होकर जल रही है. अधिकारियों ने ऐतिहासिक शहर के दक्षिण-पश्चिम में 5 और इलाकों से रात में ही लोगों को वहां से हटाने के आदेश जारी किए. इस इलाके से कल रात 55,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. जबकि अब तक यहां घर छोड़ने वालों की कुल संख्या 2,20,000 हो गई है.
पेरिस से चार गुना बड़े इलाके में लगी आग
आगजनी की घटना पर फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा, “हालात अभी भी बहुत खराब हैं.” उन्होंने इसे आग बुझाने वाली टीम के लिए “एक और मुश्किल रात” बताया, जो 24 घंटे से भी अधिक समय से उस आग से लड़ रहे हैं जिसने पेरिस से चार गुना बड़े इलाके को जला दिया है.
नुनेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में कहा, “आग फिर से बहुत खतरनाक और अनियंत्रित हो गई, जिससे अपनी हवाएं पैदा हुईं और यह अजीब तरह से बोर्डो मेट्रोपॉलिटन इलाके की ओर बढ़ने लगी.” उन्होंने आगे कहा, “हालांकि रात के आखिर तक यह थोड़ी शांत हो गई.”
पोप की लोगों के लिए प्रार्थना की अपील
दूसरी ओर, रविवार की अपनी एंजेलस प्रार्थना के आखिर में, पोप लियो XIV ने फ्रांस और स्पेन में लगी “भयानक आग” का जिक्र किया और कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं कि वे प्रभावित लोगों और बचाव कार्य में लगे लोगों के लिए प्रार्थना करें.” इलाके के प्रशासन के मुताबिक, रविवार सुबह तक गिरोंडे में अनुमानित 42,000 हेक्टेयर (162 वर्ग मील) आग की चपेट में आने से जल चुकी है. इसमें से अधिकतर हिस्सा जंगल और झाड़ियों वाला इलाका था, जो लगातार पड़ रही हीट वेव की वजह से पूरी तरह सूख गया था. यह इलाका मैनहट्टन द्वीप से सात गुना और पेरिस से चार गुना बड़ा है.
आग बुझाने वाले कर्मचारी ट्रकों में तेजी से आग की लपटों से लड़ने के लिए पहुंचे, और पानी तथा आग बुझाने वाले केमिकल गिराने वाले विमान धुएं से भरी हवा में चक्कर लगाते रहे. किसानों भी इस मुहिम में लगे रहे और उन्होंने बड़े टैंकों के जरिए पानी पहुंचाया जिससे फायर क्रू बिना किसी रुकावट के आग से लड़ सकें.
आग बुझाने को 2,500 फायरफाइटर्स, 18 विमान
वाइन का बिजनेस करने वाले थियो हर्नांडेज ने कहा, “इससे फायर फाइटर्स आग पर ध्यान दे पाते हैं. यह बहुत तेज और खतरनाक है, यह हर जगह तेजी से फैल रही है.” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही रुक जाएगी.”
नुनेज ने बताया कि आग बुझाने के काम में लगे फायरफाइटर्स की संख्या बढ़कर 2,500 हो गई है. इस अभियान में दूसरे यूरोपीय देशों के 18 विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद भी मिल रही है. सैनिकों को भी बुलाया गया है. मंत्री ने कहा कि जंगल की आग बुझाने के लिए बदले गए एक बड़े A400M मिलिट्री कार्गो विमान का भी फिर से इस्तेमाल किया जाएगा.
इस विमान ने शनिवार को, आग के खतरे वाले सूखे जंगलों के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ान भरी और गेरूए रंग के केमिकल की एक लंबी बौछार छोड़ी थी. गिरोंडे प्रशासन का कहना है कि 75 फायरफाइटर्स का चोटों के लिए इलाज किया गया है और आग ने 240 घरों को नष्ट कर दिया है.
खतरनाक ‘फायर स्टॉर्म’ से संकट बरकरार
गिरोंडे के अधिकारियों ने बताया कि फ्रांस में पहली बार ऐसा हुआ है कि आग कई बार खतरनाक ‘फायरस्टॉर्म’ में बदल गई है – जो खुद को और भड़काती रहती है. हाल ही में शनिवार रात को ऐसा हुआ, जिससे बिजली की ऐसी लपटें पैदा हुईं जिनसे आग फिर से भड़क सकती है. गिरोंडे के फायर चीफ मार्क वर्म्यूलेन ने कहा, “यह किसी तूफान का सामना करने जैसा है.”
गिरोंडे की प्रीफेक्ट सोफी ब्रोकास ने आगाह किया कि जब तक आग पर काबू नहीं पा लिया जाता, तब तक लोगों को उनके कस्बों और गांवों में वापस नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने छुट्टियों पर आने वाले लोगों से भी अपील की कि वे इस इलाके में न आएं, जहां अटलांटिक के मशहूर बीच और फ्रांस के कुछ सबसे बड़े जंगल हैं. फिलहाल बोर्डो शहर को खाली कराने की कोई योजना नहीं है. इस शहर में 2,68,000 लोग रहते हैं.
स्पेन भी आगजनी से परेशान, घर छोड़ने को मजबूर
फ्रांस से सटे स्पेन में भी हजारों लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. स्पेन में मैड्रिड के आस-पास जंगल की आग बेकाबू हो गई थी. रविवार को वैलेंसिया इलाके में भी आग की वजह से लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया.
स्थानीय सरकार के मुताबिक, शनिवार को वैलेंसिया के बाहरी इलाके मैनिसिस में लगी जंगल की आग चार घंटे तक धधकती रही, इस आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. हाल की आग की घटनाओं में स्पेन में दर्ज यह पहली मौत है.