Ghaziabad News Hindi: मसूरी पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी; एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक में चालक का शव भी बरामद
गाजियाबाद के अध्यात्मिक नगर में ट्रैक्टर के लालच में छोटे भाई ने बड़े भाई की शराब पिलाकर और भारी पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। मसूरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गाजियाबाद के अध्यात्मिक नगर स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास युवक की हत्या का मसूरी पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक साझे में खरीदे ट्रैक्टर के लालच में छोटे भाई ने ही युवक की हत्या की। आरोपी ने पहले भाई को शराब पिलाकर नशे में किया, फिर गला घोंट दिया। इसके बाद पत्थर से सिर व सीने पर ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि 26 जुलाई की सुबह पीडब्ल्यूडी कार्यालय के चौकीदार ने झाड़ियों में एक व्यक्ति का लहूलुहान शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि उसकी छाती पर खून से सना भारी पत्थर रखा था। स्थानीय लोगों से पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में मृतक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिया। सर्विलांस की मदद से 30 जुलाई को उसकी पहचान थाना मूंढापांडे जिला मुरादाबाद के गांव जंडेल निवासी 42 साल के मोनू सिंह के रूप में हुई।
एसीपी के मुताबिक सुखबीर 25 जुलाई को मुरादाबाद से गाजियाबाद पहुंचा और पूरे दिन भाई के साथ रहा। रात में उसने मोनू को अधिक शराब पिलाई और घर चलने का बहाना बनाकर सुनसान स्थान पर ले गया। वहां पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर सिर व सीने पर भारी पत्थरों से कई वार कर मौत की पुष्टि की। वारदात के बाद वह रोडवेज बस से मुरादाबाद लौट गया। साक्ष्यों ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
रिश्तेदारों की पंचायत में भी नहीं हुआ था समझौता
एसीपी के मुताबिक पूछताछ में सुखबीर ने बताया कि फरवरी 2026 में दोनों भाइयों ने लोन पर ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर बड़े भाई मोनू के नाम पर था और दोनों उससे मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते थे। कुछ समय बाद सुखबीर की नीयत बदल गई और वह ट्रैक्टर पर अकेले कब्जा करना चाहता था। इसे लेकर दोनों भाइयों में अक्सर झगड़ा होने लगा। परिवार और रिश्तेदारों ने कई बार पंचायत कर समझौते की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद मोनू मुरादाबाद छोड़कर गाजियाबाद के बम्हैटा गांव में रहने लगा।
ट्रक में चालक का शव मिला
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रक के केबिन में चालक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। ट्रैफिक पुलिस की सूचना पर पहुंची मसूरी पुलिस ने प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से चालक की मौत होने की आशंका जताई है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज ने मसूरी पुलिस को सूचना दी कि दुहाई से डासना की ओर हापुड़ कट के पास एक ट्रक काफी समय से सड़क किनारे खड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो चालक केबिन की सीट पर बेसुध पड़ा मिला। उसे तत्काल सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी डासना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान हरदोई जिले के गांव पादरा निवासी मदनपाल पुत्र केदार के रूप में हुई। वह गुजरात से कच्चा धागा लेकर मेरठ जा रहा था।