नोएडा में दुष्कर्म पीड़ित 5 महीने की गर्भवती किशोरी का अस्पताल के बाथरूम में हुआ गर्भपात

नोएडा में कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म पीड़ित 5 महीने की गर्भवती किशोरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां दवा देने के बाद बाथरूम में उसका गर्भपात हो गया।

नोएडा में दुष्कर्म के कारण करीब पांच माह की गर्भवती किशोरी को पुलिस शनिवार को अदालत और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। डॉक्टरों ने उसे दवा देने के बाद कुछ समय निगरानी में रहने को कहा था। इसी बीच बाथरूम में किशोरी का गर्भपात हो गया। ऐसी चर्चा थी कि भ्रूण को कूड़े में फेंक दिया गया था, लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन ने इससे इनकार किया है। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक पड़ोस में रहने वाला देशराज लंबे समय से 14 वर्षीय किशोरी पर गंदी नजर रख रहा था। बीते माह वह किशोरी को बहला फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी जब किशोरी के परिजनों को हुई तो उन्होंने संबंधित थाने में केस दर्ज कराया।

इसके बाद किशोरी की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गईं। किशोरी को बरामद किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी भी कर ली गई। किशोरी के परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी युवक ने उसे डरा-धमकाकर काफी समय तक उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की जांच के दौरान किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट सामने आने पर उसके करीब पांच माह की गर्भवती होने की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाईं और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए।

अदालत के समक्ष आवश्यक रिपोर्ट पेश की

किशोरी की उम्र और गर्भ की अवधि को देखते हुए पुलिस ने अदालत और सीडब्ल्यूसी के समक्ष आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत की। शुक्रवार को किशोरी का गर्भपात कराने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद शनिवार को पुलिस किशोरी को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोरी को दवा दी और कुछ समय आराम करने और निगरानी में रहने को कहा। इसी दौरान किशोरी बाथरूम गई। वहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और गर्भपात हो गया। घटना की जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों और पुलिस को दी गई।

भ्रूण के कूड़े में मिलने की चर्चा

जिला अस्पताल में दिनभर यह चर्चा होती रही कि भ्रूण कथित तौर पर कूड़े में मिला और पुलिस ने इसे बरामद किया, लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन ने भ्रूण कूड़े में फेंकने से इनकार किया है। जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भ्रूण को नमूना संग्रह करने वाले बैग में रखा गया था।

अशोक कुमार झा, सीएमएस, ”कोर्ट के आदेश पर पुलिस किशोरी का गर्भपात करने के लिए लाई थी। डॉक्टरो ने किशोरी को दवा देकर आराम करने के लिए कहा था। बाथरूम जाने के समय गर्भपात हो गया। भ्रूण को डॉक्टरों ने डीएनए जांच के लिए लैब भेज दिया है। भ्रूण कूड़े में फेंकने की बात गलत है।”

राकेश प्रताप सिंह, एसीपी, ”किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर और धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को गर्भपात की प्रक्रिया कराई जा रही थी। इसी दौरान बाथरूम में गर्भपात हो गया।”

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