Ghaziabad Loni News Update: क्षमता से अधिक सामान बना हादसे का कारण! लोनी में दुकान गिरने से हड़कंप, एनडीआरएफ तैनात
बॉर्डर थाना क्षेत्र की गुलाब वाटिका कॉलोनी में तीन मंजिला हार्डवेयर दुकान की छत गिरी। हादसे में 1 श्रमिक की मौत, 2 को बचाया गया, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
गाजियाबाद : बॉर्डर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुलाब वाटिका कॉलोनी स्थित दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर सोमवार शाम करीब 4 बजे एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ एक हार्डवेयर की तीन मंजिला दुकान की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में राजमिस्त्री समेत चार लोग मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत करके दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, तीसरे श्रमिक को करीब चार घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने बाहर निकाला, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मलबे में दबे चौथे श्रमिक की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। मौके पर एनडीआरएफ, नगर पालिका, फायर ब्रिगेड और पुलिस-प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं।
🏬 एक के बाद एक गिरती चली गईं तीनों मंजिलें: 4 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मुकेश की मौत
घटनाक्रम और प्रभावित लोगों का विवरण:
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दुकान का निर्माण: दिल्ली-शाहदरा निवासी कुनाल जैन की इस इमारत में हार्डवेयर की दुकान थी और दूसरी मंजिल पर गोदाम बना हुआ था। तीसरी मंजिल पर गर्डर-पत्थर से नई छत बनाई जा रही थी, जहाँ राजमिस्त्री अजीत प्लास्टर का काम कर रहा था।
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हादसे का कारण: सबसे ऊपर वाली मंजिल की छत अचानक नीचे गिरी, जिससे भारी दबाव के कारण एक-एक कर तीनों मंजिलों की गर्डर-पत्थर वाली छतें नीचे ढह गईं।
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हताहतों की स्थिति: पहली मंजिल पर काम कर रहे राजमिस्त्री अजीत और दूसरी मंजिल पर मौजूद जतिन को स्थानीय लोगों ने समय रहते निकाल लिया।
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मृतक की पहचान: दुकान पर पिछले 3 साल से काम कर रहे बाराबंकी निवासी मुकेश (20) को रात करीब 8 बजे एनडीआरएफ ने मलबे से निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चौथे श्रमिक की तलाश के लिए मलबे को हटाया जा रहा है।
🏗️ क्षमता से अधिक भरा था भारी सामान: ओवरलोडिंग बनी हादसे की मुख्य वजह
आसपास के स्थानीय निवासियों ने दुकान निर्माण और ओवरलोडिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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ओवरलोडिंग का आरोप: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान की तीनों मंजिलों में क्षमता से काफी अधिक लोहे और हार्डवेयर का भारी सामान भरा हुआ था।
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कमजोर निर्माण: छतें लोहे के गर्डर और पत्थरों से बनी हुई थीं। दूसरी मंजिल की छत पर पानी की बड़ी टंकी के साथ-साथ भारी मात्रा में निर्माण सामग्री भी रखी गई थी।
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अत्यधिक भार: माना जा रहा है कि लिंटर पर अत्यधिक भार होने के कारण सबसे ऊपरी छत का संतुलन बिगड़ा और यह बड़ा हादसा हो गया।
👮 प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद: अधिकारियों ने दी बचाव कार्य की जानकारी
हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे:
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अधिकारियों की मौजूदगी: लोनी एसडीएम दीपक कुमार, नायब तहसीलदार रति गुप्ता, एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्या और लोनी एसीपी राम किशन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया।
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एसडीएम का बयान: लोनी एसडीएम ने बताया कि हादसे में मुकेश नामक युवक की मृत्यु हुई है, जबकि दो श्रमिकों को सकुशल बचा लिया गया है। एक अन्य श्रमिक के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है, जिसकी तलाश के लिए बुलडोजर व एनडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं।