चंडीगढ़ में खाने के साथ बंटे नकद रुपये और बर्गर, भीड़ संभालने के लिए बुलाने पड़े बाउंसर

चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में बर्गर, कोल्ड ड्रिंक के साथ बांटे गए नकद पैसे। भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात हुए बाउंसर, जानें पूरा मामला।

चंडीगढ़: लंगर का नाम सुनते ही आमतौर पर जेहन में सब्जी, पूड़ी या दाल-रोटी की तस्वीर आती है, लेकिन चंडीगढ़ के सेक्टर-8 में इन दिनों एक अलग तरह का लंगर चर्चा में है. यहां लोगों को खाने-पीने की चीजों के साथ नकद पैसे भी बांटे गए. भीड़ को बढ़ता देख बाउंसर तैनात किए गए. अमृतसर के रहने वाले ‘राजा जी द किंग’ की ओर से मंदिर के बाहर लगाए गए इस लंगर में बर्गर और कोल्ड ड्रिंक के साथ नकद राशि लेने के लिए भी लोगों की कतार लगी. भीड़ बढ़ने के बाद व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर बाउंसर भी तैनात किए गए.

चंडीढ़ में अनोखा लंगर, खाने के साथ नकद पैसे भी बांटे: इस लंगर में लोगों को बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटी गई. इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को नकद राशि देने की भी व्यवस्था की गई थी. पैसे लेने के लिए लोगों की लंबी कतार दिखाई दी. आयोजक के मुताबिक, नकद राशि बांटने का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की मदद करना है. इसके लिए कूपन की व्यवस्था की गई, ताकि एक ही व्यक्ति बार-बार लाइन में लगकर पैसे ना ले सके और अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके.

‘माता रानी के आदेश पर कर रहे सेवा’: ‘राजा जी द किंग’ का कहना है कि “मैं लंबे समय से इस तरह की सेवा करता आ रहा हूं. माता रानी की कृपा और उनके आदेश को मानते हुए मैं अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंद लोगों की मदद में खर्च करता हूं. मैं क्रिप्टो के कारोबार से जुड़ा हूं और उससे होने वाली कमाई का एक हिस्सा इस तरह की सेवा में लगाता हूं. पहले मैं अमृतसर में इस तरह का लंगर आयोजित कर चुका हूं. साल 2025 से मैं चंडीगढ़ में भी इस तरह की सेवा कर रहा हूं”.

पहले पेट्रोल का लंगर लगाने का भी दावा: ‘राजा जी द किंग’ इससे पहले चंडीगढ़ के मनीमाजरा इलाके में पेट्रोल का लंगर लगाने का दावा भी कर चुके हैं. अब उन्होंने पेट्रोल और डीजल का लंगर लगाने की तैयारी की बात कही है. हालांकि, इस संबंध में उन्होंने जो दावे किए हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है.

नकद बांटने पर उठे सवाल, आयोजक ने दी सफाई: इतनी बड़ी संख्या में लोगों को नकद राशि बांटे जाने को लेकर उनकी कमाई और पैसे के स्रोत को लेकर सवाल भी उठे. इस पर ‘राजा जी द किंग’ का दावा है कि संबंधित एजेंसियां उनसे पूछताछ कर चुकी हैं और उनके पास अपनी कमाई का वैध स्रोत है.

भीड़ बढ़ी तो बाउंसरों ने संभाली व्यवस्था: लंगर के दौरान लोगों की भीड़ काफी बढ़ गई. नकद राशि लेने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग लाइन में पहुंच गए. स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर बाउंसर भी तैनात किए गए थे. आयोजकों का कहना है कि कूपन व्यवस्था का मकसद यही था कि सीमित संसाधनों को ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सके.

क्यों चर्चा में है यह लंगर? चंडीगढ़ में आयोजित ये लंगर इसलिए चर्चा में है क्योंकि यहां पारंपरिक भोजन के बजाय बर्गर और कोल्ड ड्रिंक बांटे गए और इसके साथ नकद राशि भी दी गई. आयोजक इसे जरूरतमंदों की मदद के लिए की जा रही सेवा बताते हैं. हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में नकद वितरण, पैसे के स्रोत और इस तरह की सेवा के संचालन को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित एजेंसियों के पक्ष से ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकता है. फिलहाल आयोजक की ओर से अपनी कमाई और सेवा को लेकर किए गए दावे ही सामने हैं.

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