नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा, हरियाणा के संजय भाटिया बने राष्ट्रीय महामंत्री
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में हरियाणा के संजय भाटिया को राष्ट्रीय महामंत्री और अरुण यादव को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया।
हरियाणा : भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नयी टीम घोषणा की। वहीं हरियाणा में बीजेपी के दो दिग्गज नेताओं को नितिन नवीन की नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। संजय भाटिया को राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया। वहीं अरुण यादव को सोशल मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दें कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार नवीन ने वसुंधरा राजे सिंधिया सहित 13 लोगों को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब, सुनील बंसल, विनोद तावड़े, सतीश पूनिया समेत आठ राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। भाजपा ने गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को भी राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नवीन ने अनिल बलूनी पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें फिर से मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है और बी एल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाये रखा गया।
बता दें कि हरियाणा की राजनीति में संगठन से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले नेताओं में संजय भाटिया का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। हाल ही में हरियाणा से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए। वहीं इससे पहले वह करनाल से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। पानीपत में 29 जुलाई 1967 को जन्मे संजय भाटिया ने छात्र जीवन से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर संगठनात्मक कार्य शुरू किया। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1980 के दशक में हुई, जब वे 1987 में मंडल महासचिव बने और 1989 में मंडल अध्यक्ष का पद संभाला।
2001 में उन्हें नगर परिषद का अध्यक्ष बनाया गया। 2015 से 2021 तक वे भाजपा हरियाणा के राज्य महासचिव रहे और हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के रूप में ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में योगदान दिया। उनकी सबसे बड़ा राजनीतिक उपलब्धि 2019 लोकसभा चुनाव में आई, जब वे पहली बार चुनाव लड़ते हुए करनाल लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर भारी बहुमत से विजयी हुए। उन्होंने हरियाणा के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जो उनके कड़ी मेहनत, जनसंपर्क और पार्टी के प्रति समर्पण का परिणाम था।
वे जनता के बीच काफी सुलभ और सक्रिय रहे, जिससे करनाल क्षेत्र में उनकी अच्छी छवि बनी। 2024 में उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए सीट छोड़ी और संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाईं, जिसमें हरियाणा विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका शामिल थी।