Ghaziabad News Swarna Ganga: छज्जा गिरने की घटना के बाद स्वर्ण गंगा अपार्टमेंट में सर्वे, फ्लैट मालिकों को सीपेज ठीक कराने के निर्देश

स्वर्ण गंगा अपार्टमेंट में बालकनी का छज्जा गिरने के बाद स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू। जानिए मेंटेनेंस, सीपेज और RWA की नई गाइडलाइंस के बारे में।

गाजियाबाद : सेक्टर-6 स्थित स्वर्ण गंगा अपार्टमेंट में बीते दिनों बालकनी का छज्जा गिरने की घटना के बाद अब निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए मैनेजमेंट समिति ने इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) शुरू करा दिया है।

इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही पूरी इमारत के रख-रखाव और मेंटेनेंस का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

⚠️ सातवीं मंजिल से गिरकर छठी पर अटका था छज्जा: गनीमत रही टल गया बड़ा हादसा

घटना का विवरण और जांच का दायरा:

  • हादसे का घटनाक्रम: लगभग 10 दिन पूर्व अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल का छज्जा अचानक भरभराकर छठी मंजिल पर आ गिरा था। इसके बाद मलबा सीधे नीचे जमीन पर गिरा। घटना के वक्त वहां किसी के मौजूद न होने के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

  • ऑडिट में क्या होगा जांच: मैनेजमेंट समिति द्वारा शुरू किए गए ऑडिट में इमारत के अलग-अलग हिस्सों, विशेष रूप से बालकनियों, बाहरी छज्जों और मुख्य संरचना की मजबूती की जांच की जा रही है।

  • सीपेज की रिपोर्ट: सर्वे के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि किस फ्लैट में सीपेज (नमी) की समस्या सबसे अधिक है और कहां तुरंत मरम्मत की आवश्यकता है।

📋 प्रबंधन और फ्लैट मालिकों की जिम्मेदारी तय: कॉमन एरिया RWA के पास, अंदरूनी मरम्मत मालिक कराएंगे

मैनेजमेंट कमेटी के निर्देश और नियम:

“मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष विपुल अग्रवाल ने बताया कि यह सोसायटी करीब 20 साल पुरानी है। स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद इमारत के बाहरी और कॉमन एरिया से जुड़ी किसी भी समस्या व मरम्मत की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए (RWA) लेगा। हालांकि, फ्लैट के अंदरूनी हिस्सों में हुई क्षति और मरम्मत की जिम्मेदारी स्वयं फ्लैट मालिक की होगी। रख-रखाव को लेकर कमेटी द्वारा विस्तृत गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं।”

🏡 2006 में मिला था 119 फ्लैटों का पजेशन: लापरवाही बरतने वाले फ्लैट मालिकों को जारी होगा नोटिस

सोसायटी की पृष्ठभूमि और निवासियों का पक्ष:

  • सोसायटी का विवरण: सहकारी समिति द्वारा आवास विकास की जमीन पर बने स्वर्ण गंगा अपार्टमेंट में कुल 119 फ्लैट हैं, जिनका कब्जा वर्ष 2006 में दिया गया था। इनमें 2BHK के 70 और 3BHK के 49 फ्लैट शामिल हैं।

  • निवासियों की राय: अपार्टमेंट निवासी देव सैंगर का कहना है कि इमारत की मूल संरचना काफी मजबूत है, लेकिन कुछ फ्लैट मालिकों की लापरवाही से सीपेज की समस्या बढ़ रही है।

  • सीपेज पर सख्त रुख: सभी फ्लैट मालिकों से स्पष्ट कहा गया है कि वे किचन, बाथरूम और बालकनी की सीपेज को तुरंत ठीक करवाएं। जो लोग निर्देश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा।

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