रोहतक में साइबर ठगी गिरोह के 9 शातिर अरेस्ट, फर्जी पुलिस अफसर बनकर ठगते थे लाखों
रोहतक पुलिस ने फर्जी वेबसाइट और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
रोहतक : साइबर ठगी के मामले में रोहतक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नकली वेबसाइट तैयार कर लोगों को पुलिस अधिकारी और अन्य विभागों का कर्मचारी बनकर ठगी का शिकार बनाया।
पुलिस के मुताबिक, एक पीड़ित से पहले करीब 2 लाख 60 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इसके बाद नकली वेबसाइट के जरिए मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर उससे दोबारा 2 लाख 20 हजार रुपये ठग लिए गए। मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराम की टीम ने शुरू की। पुलिस ने सात टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ग्रेटर नोएडा, फारूक नगर, कानपुर, कन्नौज और गाजियाबाद से गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 से अधिक स्मार्टफोन, 10 से अधिक कीपैड मोबाइल फोन, 21 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड और 10 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। जांच के दौरान पुलिस को 10 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट भी मिली हैं, जिनके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के दौरान साइबर ठगी की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। एसपी ने लोगों से अपील की कि अगर कोई व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी अन्य विभाग का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है तो उसके बहकावे में न आएं। कॉल फर्जी हो सकती है। साइबर ठगी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करवाएं।